गोरखपुर जिले के खोराबार इलाके के रामगढ़ उर्फ रजही में 70 साल की बुजुर्ग रजवंती देवी की हत्या संपत्ति की लालच में पौत्र राजू निषाद ने ही की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मंगलवार को घटना का पर्दाफाश किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने जुर्म स्वीकार कर लिया है।
पुलिस को बताया है कि सोते समय दादी पर चाकू से हमला किया तो वह जग गई और शोर मचाने लगी। घबराकर गला दबा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। आरोपी को डर था कि दादी जिंदा रही तो सारी संपत्ति बुआ यानी अपनी बेटी के नाम कर देंगी।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने पकड़े गए बदमाश के बारे में मंगलवार को पुलिस लाइंस में जानकारी देते हुए घटना का पर्दाफाश किया। एसपी सिटी ने बताया कि रजही के रहने वाले फल्ली निषाद उर्फ रावण निषाद की पत्नी रजवंती 31 मई की सुबह घर में विस्तर मृत मिली थीं। पूछताछ में जानकारी हुई कि उनकी पांच बेटियां और दो बेटे हैं। एक बेटे रमेश और उसकी पत्नी रीता की करीब एक साल पहले करंट से मौत हो गई थी। जबकि, दूसरे बेटे जवाहर की भी मौत हो गई थी।
घर में राजवंती और उनके पति फल्ली के अलावा बहू तारा देवी, पौत्र राजू, राजकुमार और पौत्री संजू रहते हैं। रजवंती के पास करीब एक बीघा जमीन है। इसे लेकर परिवार में काफी दिनों से विवाद चल रहा है। एक बेटी मैना की शादी शहर के रुस्तमपुर इलाके में हुई थी। मैना ने ही रजवंती से आठ डिसमिल जमीन बैनामा करा लिया था।
इसी बात को लेकर बहू और बेटियों से अक्सर लड़ाई होती रहती थी। पुलिस ने इस मामले में फल्ली निषाद की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के आधार पर हत्या में रजवंती के पौत्र राजू का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने मंगलवार को बुढ़िया माता मंदिर तिराहे के पास से राजू निषाद को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।