अभिभावक अपने मोबाइल फोन से बच्चे के स्कूल जाने और घर आने के दौरान निगरानी रख सकेंगे। यदि बस चालक बच्चे को किसी भी गलत दिशा में लेकर जा रहा है तो इसकी जानकारी तत्काल लग जाएगी। वहीं, बस के देर होने पर भी अभिभावकों को पता चल जाएगा।
लिखे जाएंगे हेल्पलाइन नंबर
नए नियम के मुताबिक, स्कूल बसों व अन्य स्कूली वाहनों पर हेल्पलाइन नंबरों की सूची लगाई जाएगी। इसमें चाइल्ड हेल्पलाइन, वूमैन हेल्पलाइन, पुलिस हेल्पलाइन नंबर शामिल हैं।
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स्कूली बस के चालक और सहायक का सत्यापन अनिवार्य किया गया है। बिना सत्यापन के चालक का वाहन चलाना अवैध माना जाएगा। यह बस मालिक की जिम्मेदारी होगी कि बस चालक और सहायक का सत्यापन कराए।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन अरुण कुमार ने कहा कि शासन के निर्देश पर सभी स्कूली बसों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाने की तैयारी है। जल्द ही बसों में जीपीएस लगवाने का काम शुरू करा दिया जाएगा।