कुलाधिपति ने कहा कि हमारे संविधान में लिखा गया है कि 14 वर्ष तक सभी बच्चों को सर्वाधिक शिक्षा दिया जाना चाहिए। यदि कोई परिवार अपने बच्चों को नहीं पढ़ाता है तो उसे सजा हो सकती है। हमारा कर्तव्य बनता है कि ऐसे लोगों को समझाकर बच्चों का दाखिला कराएं।
महिलाओं के लिए क्लब बनाना सुखद
कुलाधिपति ने एमएमएमयूटी में महिलाओं के लिए क्लब बनाने की तारीफ की। कहा कि गांवों में जाकर जब क्लब की सदस्य महिलाओं और लड़कियों से मिलेंगी तो उनकी समस्याएं सामने आएंगी।
समस्याओं को जानने जेल भी गई
कुलाधिपति ने कहा कि वैसे तो कभी जेल नहीं गई। लेकिन लखनऊ जेल में बंद महिलाओं से मिलने गई। उनका जवाब सुन दंग रह गई थी। वहां 25 महिला बंदियों से मिलीं। किसी को 20 साल की सजा मिली थी तो किसी को 15 साल की। एक-एक सभी से जब जेल आने का कारण पूछा तो सभी ने कहा कि बहू को मार दिया। पूछा क्यों मार दिया तो जवाब मिला कि दहेज नहीं मिला, इसलिए मार दिया। यह सुन स्तब्ध रह गई। हर किसी को दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा। इससे एक नहीं कई परिवारों की रक्षा होगी।