सहायक निर्वाचन अधिकारी( पंचायत) जगनारायण मौर्य का कहना है कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होने के बाद अधिसूचना जारी होने तक नाम जोड़ने, कटवाने व संशोधन के लिए आवेदन किया जा सकता है। ये आवेदन तहसीलों में किया जा सकता है। सत्यापन के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
नाम कटवाने के आवेदन आने पर उसकी जानकारी संबंधित वोटर को भी दी जाएगी ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट के अंतिम प्रकाशन के बाद जो आवेदन आते हैं उनका निस्तारण नामांकन के आखिरी तिथि के पहले कर लेना होगा। जिले की पंचायतों में तकरीबन 30 लाख वोटर हैं।
रूट चार्ट और सेक्टर जोन का हो रहा निर्धारण
पंचायत चुनाव की तैयारियों के क्रम में सभी बूथों का रूट चार्ट तैयार किये जाने के साथ ही सेक्टर और जोन का भी निर्धारण किया जा रहा है ताकि निगरानी में मदद मिल सके।
पूर्व के चुनाव में जिन बूथों पर तनाव हुआ या होने की आशंका है, वह विशेष निगरानी और अतरिक्त फोर्स तैनात करने के लिए ऐसे बूथों को तीन श्रेणी में बांटा गया है। संवेदनशील बूथ, अति संवेदनशील बूथ और अतिसंवेदनशील प्लस। इन बूथों को चिन्हित करने के लिए सभी तहसीलों में एसडीएम की अध्य्क्षता में कमेटी गठित कर दी गई है जिसमें बीडीओ, तहसीलदार और सीओ भी हैं। सभी को 15 फरवरी तक रिपोर्ट देने को कहा गया है।