राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य सिर्फ बीमारी से मुक्ति का अभियान नहीं है। यह आर्थिक, सामाजिक ताने बाने को भी प्रभावित करता है। देश की 70 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। जितनी आबादी स्वस्थ होगी, राष्ट्र उतना ही सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य सुविधा बढ़ाने के साथ ही उन बातों पर भी ध्यान दिया जिससे बीमारी के कारणों पर रोकथाम हो। स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, सुपोषण मिशन आदि इसके उदाहरण हैं।
कई विभूतियों का कर्मक्षेत्र रहा है गोरखपुर अंचल
राज्यपाल ने कहा कि यह एक ऐसा अंचल है जिसे भगवान बुद्ध, गुरु गोरखनाथ, संतकबीर, गीता प्रेस के संस्थापक हनुमान प्रसाद पोद्दार और कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के कर्मक्षेत्र होने का सौभाग्य प्राप्त है। यह विश्व को गणतंत्र देने वाला अंचल है और चौरीचौरा व बिस्मिल जैसे स्वाधीनता के पुण्य प्रतीकों वाला भी अंचल है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण शीघ्रता से पूरा होगा जिससे पूर्वांचल के लोग लाभान्वित हो सकें। शिलान्यास समारोह के प्रारम्भ में राज्य के आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी ने आयुष विश्वविद्यालय की प्रस्तावना प्रस्तुत की।