फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्यपाल ने स्वयं सहायता समूहों को दी ये खास सौगात, बोलीं- बेटा-बेटी में भेदभाव भूल बच्चों को खूब पढ़ाएं

Wed, 10 Feb 2021 08:54 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

  • बेटियों-महिलाओं के नियमित स्वास्थ्य जांच पर जोर, बाल विवाह पर सख्ती से रोक का दिया निर्देश
  • टीबी मरीजों को गोद लेने का अधिकारियों, यूनिवर्सिटी-कॉलेज व स्वयं सेवी संस्थाओं का किया आह्वान
विज्ञापन
एमएमएमयूटी का पांचवा दीक्षांत समारोह। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को गोरखपुर आईं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शिक्षा और बेटियों-महिलाओं के स्वास्थ्य पर जोर दिया। कहा कि शिक्षा जीवन उत्थान का बड़ा माध्यम है। बेटा-बेटी में कोई भेद भाव नहीं है, दोनों एक समान हैं। इसी भाव के साथ हर अभिभावक अपने बच्चों को खूब पढ़ाए।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि बेटियों-महिलाओं का सशक्त होना जरूरी है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए। उनका ब्लड टेस्ट कराया जाए और सुनिश्चित किया जाए कि हीमोग्लोबीन 13 प्रतिशत से कम न होने पाए। उन्होंने कहा कि कुपोषण से बेटियों के जीवन को बचाने के लिए बाल विवाह कदापि न करें। प्रशासन और पुलिस के अधिकारी इसपर सख्ती से रोक लगाएं।

राज्यपाल एनेक्सी भवन सभागार में समूह की महिलाओं, प्रगतिशील किसानों और एक जिला एक उत्पाद के शिल्पकारों के साथ ही विभिन्न विभाग के अधिकारियों को संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि संकल्प लिया जाए कि बाल विवाह एवं दहेज प्रथा की परिपाटी को पनपने नहीं दिया जाएगा। साथ ही महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं जब तक चुप रहेंगी तब तक यह कुप्रथा दूर नहीं हो सकती है। समाज में कुप्रथा को दूर करने के लिए महिलाओं को आगे आना होगा।
विज्ञापन

राज्यपाल ने कहा कि स्वयं सहायता समूह से महिलाओं को मान, सम्मान, गौरव प्राप्त हुआ है। देश के विकास में महिलाओं की शक्ति को जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। अधिकारियों को निर्देश दिए कि किशोरियों, बेटियों, युवाओं के हित में अनेक योजनाएं शासन द्वारा संचालित की गईं हैं, इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही इसका लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पहुंचाया जाए।

टीबी मरीजों के लिए समाज को आगे आने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि टीबी ग्रसित मरीजों को चिह्नित कर उनका इलाज किया जा रहा है। सभी अधिकारी कम से कम एक-एक टीबी ग्रसित बच्चे को गोद लें और इस कार्य से स्वयं सेवी संस्थाएं भी जुड़े। यूनिवर्सिटी एवं कॉलेज भी ऐसे बच्चों को गोद लेकर उनकी देखभाल का जिम्मा उठाएं।
 
स्वयं सहायता समूहों को 7.33 करोड़ की दी सौगात
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने सर्किट हाउस में स्वयं सहायता समूहों, क्षय रोग ग्रसित बच्चों एवं किसान उत्पादक संगठन-प्रगतिशील किसानों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूह के 11 लोगों से संवाद भी किया। समूह की महिलाओं द्वारा बताया गया कि समूह से जुड़कर उनका आर्थिक उन्नयन हुआ तथा परिवार में खुशहाली का माहौल है।

इस मौके पर राज्यपाल ने स्वयं सहायता समूहों को 7 करोड़ 33 लाख 10 हजार रुपये का डेमो चेक भी सौंपा। अफसरों को निर्देश दिया कि जल्द समूहों के खातों में धनराशि भेज दी जाए। इसमें 1074 समूहों का रिवाल्विंग फंड तथा 520 समूहों को एक लाख 10 हजार की राशि शामिल है।

सामुदायिक शौचालय की चाबी और कोटे की दुकान का नियुक्ति पत्र भी दिया

राज्यपाल ने सामुदायिक शौचालय योजना के तहत दो महिलाओं को चाबी एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत कोटे की एक दुकान चयन का नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया। बता दें कि महिला समूहों को सामुदायिक शौचालय के रखरखाव के साथ ही कोटे की दुकानों के संचालन की भी जिम्मेदारी दी जा रही है।
 
सरकार की मंशा हमारा किसान सशक्त और समृद्ध हो: राज्यपाल
राज्यपाल ने पांच किसान उत्पादन संगठन एवं प्रगतिशील किसानों से भी वार्ता की तथा कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। जब लागत कम होगी तो आय बढ़ेगी। उन्होंने कंपोस्ट खाद का अधिकाधिक प्रयोग करने का सुझाव देते हुए कहा कि केमिकल युक्त अनाज, फल, सब्जियां स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं होती हैं इसलिए आर्गेनिक उत्पादन की ओर जाना है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसान अन्नदाता हैं, वे अनाज उगाते हैं। देश के प्रधानमंत्री का कहना है कि किसान, अपनी फसल की कीमत स्वयं तय करें ताकि उनकी उपज का वास्तविक मूल्य मिले। भारत सरकार की मंशा है कि हमारे किसान सशक्त एवं समृद्ध हों।
विज्ञापन

प्रौद्योगिकी एक स्वास्थ्य शिक्षा राज्य मंत्री ने भी बढ़ाया हौसला

इस अवसर पर प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने भी समूह की महिलाओं, किसानों और शिल्पकारों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन बार-बार होना चाहिए। कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने राज्यपाल एवं उपस्थित सभी के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि मंडल में एक जनपद एक उत्पाद, मनरेगा, एनआरएलएम में समूहों को विकसित कर उनके आर्थिक उन्नयन कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में विभिन्न विभागों में आपसी समन्वय बनाकर कार्य किया जा रहा है। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कार्यक्रम में उपस्थित राज्पाल सहित सभी का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि उनकी तरफ से दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। इस दौरान एनआरएलएम, क्षय रोग एवं कृषि विभाग द्वारा कराये गये कार्यों का प्रस्तुतिकरण भी किया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें