कमिश्नर ने बताया कि अभ्युदय योजना का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उच्च स्तरीय मार्गदर्शन तथा परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। इसके तहत संघ लोक सेवा आयोग और उप्र लोक सेवा आयोग/अधीनस्थ सेवा चयन आयोग/अन्य भर्ती बोर्ड/संस्थाओं द्वारा आयोजित परीक्षाओं आदि की तैयारी कराई जाएगी। एनटीए द्वारा आयोजित जेईई (मेन), नीट, एनडीए, सीडीएस व अन्य सैन्य सेवाएं, अर्द्धसैनिक/क्रेंद्रीय पुलिस बल की भर्ती संबंधी, बैंकिंग पीओ/एसएससी/बीएड/टीईटी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी कराई जाएगी।
जिले के आईएएस, पीसीएस अफसर भी पढ़ाएंगे
कमिश्नर ने बताया कि जनपद में कार्यरत आईएएस, आईपीएस, भारतीय वन सेवा, पीसीएस, पीपीएस संवर्ग एवं अन्य संवर्ग के अधिकारियों, विषयवस्तु विशेषज्ञों द्वारा प्रतियोगी छात्रों को नि:शुल्क मार्गदर्शन एवं शिक्षण प्रदान किया जाएगा। विषय विशेषज्ञ का पैनल भी तैयार किया जाएगा।
विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराने के लिए राज्य स्तर पर ई-लर्निंग प्लेटफार्म की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने गोरखपुर यूनिवर्सिटी और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को स्मार्ट कक्षाओं को शिक्षण कार्य के लिए उपलब्ध कराने के लिए कहा।
गोरखपुर विश्वविद्यालय में 400 युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग मिलेगी। विवि प्रशासन की ओर से इसके लिए जुलोजी, केमिस्ट्री और बॉयोटेक्नोलॉजी के साथ गणित विभाग के दोनों स्मार्ट क्लास को चिन्हित किया गया है। एक्सपर्ट शिक्षकों का पैनल भी तैयार किया जा रहा है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह को इसका नोडल अधिकारी बनाया है।
स्मार्ट क्लास का होगा उच्चीकरण
जिला प्रशासन की ओर से विश्वविद्यालय में संचालित स्मार्ट क्लास को उच्चीकृत भी कराया जाएगा। जिला प्रशासन ने स्मार्ट क्लास में उपलब्ध सुविधाओं के साथ साथ अन्य आवश्यक सुविधाओं का ब्यौरा भी विश्वविद्यालय प्रशासन से मांगा है।
इन विषयों के तलाशे जा रहे शिक्षक
भौतिकी, रसायन, गणित, प्राणिविज्ञान, बॉटनी, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, इतिहास, भूगोल, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन