परिवार नियोजन के स्थायी साधन पुरुष नसबंदी का विकल्प सुरक्षित भी है और असरदार भी। चंद मिनट में होने वाली पुरुष नसबंदी की सफलता भी 99.5 फीसदी है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्र निर्धारित सेवा दिवसों (एफडीएस) पर, जबकि हौसला साझेदारी योजना के तहत सम्बद्ध निजी अस्पताल भी पुरुष नसबंदी की सुविधा निःशुल्क देते हैं।
बिना चिरा और टांका (एनएसवी) के पुरुष नसबंदी महज एक छोटा सा ऑपरेशन होता है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी का। उन्होंने योग्य दंपतियों से अपील की है कि जिले में चार दिसंबर तक मनाए जाने वाले पुरुष नसबंदी पखवाड़े को सफल बनाएं। इस बार के पखवाड़े की थीम है 'परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी, जीवन में लाएं स्वास्थ्य और खुशहाली।'
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि परामर्श कर पुरुष नसबंदी करवाने के लिए अपेक्षित प्रस्तावित कार्यभार भी निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार प्रत्येक ब्लॉक के एचईओ या बीसीपीएम या आशा संगिनी को दो पुरुष नसबंदी, शोध अधिकारी या बीपीएम या एएनएम को दो पुरुष नसबंदी, प्रत्येक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को दो पुरुष नसबंदी और हौसला साझेदारी योजना के तहत सम्बद्ध सूर्या क्लिनिक को चार दिसंबर के बीच कुल 10 पुरुष नसबंदी करवाने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि पखवाड़े के दूसरे चरण के दौरान पिपराईच सीएचसी, प्रकाश सर्जिकल और सूर्या क्लिनिक में प्रतिदिन पुरुष नसबंदी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। नसबंदी के निर्धारित सेवा दिवसों पर महिला नसबंदी के साथ-साथ पुरुष नसबंदी की भी सुविधा दी जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि पखवाड़े के दूसरे चरण यानी सेवा प्रदायगी चरण के तहत उपलब्धियों की प्रतिदिन की रिपोर्टिंग की जानी है।