गेहूं की उपज अभी तक सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं बेच पाए किसानों के लिए सरकार ने राहत भरा फैसला लिया है। अब इन क्रय केंद्रों पर 22 जून तक गेहूं खरीद होगी। जो किसान पंजीकरण के बावजूद अपनी फसल नहीं बेच सके हैं, वे क्रय केंद्र पहुंचकर इस फैसला का लाभ ले सकते हैं।
प्रदेश में इस बार गेहूं की रिकॉर्ड 54 लाख टन से अधिक खरीद हुई है। बावजूद इसके कई किसान संगठनों की शिकायत थी कि क्रय केंद्रों पर कृषकों की उपज नहीं खरीदी जा रही। हर साल 15 जून को गेहूं खरीद बंद होने की परंपरा के विपरीत सरकार ने एक सप्ताह का समय और बढ़ा दिया है।
क्षेत्रीय खाद्य निगम के डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडेय ने बताया कि जिले में इस सीजन बुधवार तक 1.08 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न खरीदा जा चुका है। यह मात्रा बीते वर्ष हुई 46 हजार मीट्रिक टन से 234 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने 22 जून तक खरीद का आदेश दिया है। जिले में सभी एजेंसियों के 139 क्रय केंद्रों पर खरीद जारी रहेगी।
सभी केंद्रों पर ईपॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट और परचेज) मशीन के जरिए ही होगी। ईपॉप मशीन पर सोमवार से शुक्रवार तक एक किसान से अधिकतम पचास क्विंटल और शनिवार व रविवार को अधिकतम सौ क्विंटल गेहूं की खरीद की जाएगी। उन्होनें पंजीकरण करा टोकन पाने वाले सभी किसानों से अपील की है कि वह अपने करीबी गेहूं खरीद केंद्र पर पहुंच कर उपज बेच कर लाभ उठाएं।