गोरखपुर जिले के अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल में पिछले पांच साल में नियुक्त प्रधानाध्यापक, शिक्षक और कर्मचारियों का ब्यौरा शासन ने तलब किया है। साथ ही 48 घंटे का समय निर्धारित करते हुए अलग-अलग पूरी रिपोर्ट मांगी है।
एक शिकायत के बाद से शासन की नजर छह नवंबर 2015 के बाद नियुक्ति हासिल करने वाले लोगों पर टिकी है। जिसके बाद से बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों का ब्यौरा तैयार करना शुरू कर दिया है। जिले के 83 अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में 438 शिक्षक और कर्मचारी कार्यरत हैं।
अनामिका शुक्ला प्रकरण के सामने आने के बाद से शासन की ओर से परिषदीय से लेकर माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है। जिला स्तर पर इसके लिए कमेटियां गठित की गई है। वहीं एसआईटी और एसटीएफ भी फर्जी शिक्षकों के खिलाफ जांच कर रही है।