उन्होंने बताया कि उनका परिवार राजघाट पर ही वेदी बनाकर पूजन-अर्चन करता है। इस बार तो यहां बहुत दलदल है। समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें, घर वालों से बात करेंगे कि कहीं दूसरी जगह वेदी बना ली जाए।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु राप्ती नदी के घाटों पर पहले से ही वेदी बनाकर छठ पूजा की तैयारी में जुट जाते हैं। वेदी बनाने का काम तीन-चार दिन पहले से ही शुरू हो जाता है। राप्ती नदी के दोनों किनारे पर लोग वेदियां बनाते हैं।
बृहस्पतिवार को राजघाट पर हाल यह था कि एक तरफ शव का अंतिम संस्कार हो रहा था तो उसके किनारे पर गंदगी का ढेर लगा था। दूसरे किनारे पर कुछ वेदी बने थे। नगर निगम की तरफ से मिट्टी के ढेर को हटाया जा रहा है। अगर ये मिट्टी का ढेर शुक्रवार दोपहर तक नहीं हटा तो यहां वेदियां बनाने और पूजा करने में मुश्किलें आ सकती हैं।
पहले ट्रैक्टर धंसा, फिर तेल खत्म हो गया
नदी किनारे घाट से मिट्टी हटाने और घाट किनारे बैरिकेडिंग का जिम्मा एक निजी ठेकेदार को दिया गया है। बृहस्पतिवार को पहले ट्रैक्टर दलदल में धंस गया, किसी तरह से उसे निकाला गया तो स्टार्ट ही नहीं हो सका। चालक ने बताया कि तेल खत्म होने से ट्रैक्टर बंद हो गया है।
प्रभारी अधिशासी अभियंता एनडी पांडेय ने कहा कि नदी से मिट्टी निकालने के लिए डीएम ने पहले ही निर्देश दिए थे, लेकिन संबंधित विभाग ने मिट्टी नहीं हटाई। अब नगर निगम की टीम युद्ध स्तर पर प्रयास कर रही है। छठ के पहले घाटों को तैयार कर लिया जाएगा।
नगर निगम के 80 वार्डों में 349 स्थानों पर सार्वजनिक रूप से छठ महापर्व की तैयारियां चल रही हैं। गोरखनाथ मंदिर के भीम सरोवर, मानसरोवर मंदिर के सरोवर, रामगढ़ताल पर वेदियां बनाकर श्रद्धालुओं ने स्थान आरक्षित कर लिया है। इसके अलावा राजघाट, महेसरा, डोमिनगढ़, तकियाघाट, हनुमानगढ़ी के घाटों पर वेदी बनाने का काम भी जोरों पर है। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि सभी छठ घाटों पर बनाए गए अस्थायी तालाबों में पानी भरने का कार्य जलकल खंड की ओर से किया जाएगा।