जानकारी के मुताबिक, जिले में चार हजार के करीब दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन तो पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से करा दिया, लेकिन बुधवार को लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन के दौरान कुछ उत्पातियों ने खलल डालने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने इस विवाद को भी निपटा लिया और विसर्जन को प्रभावित नहीं होने दिया, लेकिन इससे सबक भी लिया गया है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने अब जिले में स्थापित होने वाली 162 छठ प्रतिमाओं को लेकर विशेष तैयारी का आदेश दिया है। इसके तहत पुलिस के जो लोग भी नोडल बनेंगे, उनकी जिम्मेदारी विसर्जन तक की तय की जा रही है।
एसएसपी ने छठ पर्व पर जुटने वाली भीड़ को लेकर सुरक्षा का खाका भी तैयार किया है। हर घाट पर सादे वर्दी में भी महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा रूट डायवर्ट किया जाएगा। छठ वाले दोनों दिन राजघाट पुल से बड़े वाहनों की इंट्री पर प्रतिबंध की तैयारी है। बड़े वाहनों को शहर से बाहर ही रोक दिया जाएगा। एसपी ट्रैफिक पिछले साल किए गए डायवर्जन का नए सिरे से आकलन कर रहे हैं, क्योंकि इस बार भीड़ और प्रतिमाओं की संख्या दोनों बढ़ने की संभावना है।
वैसे तो अभी यातायात पुलिस डायवर्जन प्लान तैयार कर रही है, जिसे शनिवार तक जारी करना है, लेकिन बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध तय माना जा रहा है। क्योंकि राजघाट पुल के पास श्रद्धालुओं की भीड़ होती है और पैदल चलने वालों की संख्या भी ज्यादा होती है। इस वजह से यातायात पुलिस डायवर्ट कर बड़े वाहनों को कोनी तिराहा, कालेसर जीरो प्वाइंट, देवरिया बाईपास से निकालने की तैयारी में है।
इसके अलावा नार्मल टैक्सी स्टैंड से भी आगे वाहनों के प्रवेश पर रोक लग सकता है। श्रद्धालुओं के लिए राजघाट पुल के पार नौसड़ की तरफ बजाज शोरूम के सामने सड़क पर, बैकुंठधाम पूजा स्थल जाने वालों के वाहन बर्फखाना रामलीला मैदान में, नेहरू पार्क लालडिग्गी आने वालों के वाहन हार्बर्ट बांध पर, गोरखनाथ मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं के वाहन मंदिर के पार्किंग में, महेसरा ताल स्थित पूजा स्थल पर जाने वालों के वाहन महुआतर मोड़ पर खड़ा कराने की तैयारी है। इस पर अंतिम मुहर अभी लगना बाकी है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि गोरखपुर जिले में 162 छठ प्रतिमाएं स्थापित होनी हैं। इसके अलावा घाटों पर छठ पूजा होनी है। इसके लिए पुलिस ने अपनी तैयारी कर ली है। इस बार एक थाना क्षेत्र से दूसरे थाना क्षेत्र में जाने वाली प्रतिमाओं की सूची भी तैयार कराई गई है। नोडल बनाए गए पुलिस वालों की विसर्जन तक की जिम्मेदारी होगी। एडिशनल एसपी रैंक के अफसर नियमित माॅनीटरिंग करेंगे। घाटों पर महिला पुलिस भी तैनात होंगी। डायवर्जन का प्लान तैयार हो रहा है, उसे भी लागू किया जाएगा।