पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने मैदानी इलाकों का मौसम बदल दिया है। कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पहाड़ों से चल रही बर्फीली हवाओं की वजह से पूरे दिन कंपकंपी छूट रही है। लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई है। सूरज निकलने के बावजूद बेअसर साबित हो रहा है। पछुआ हवा से गलन बढ़ने के कारण ठंड से बचाव के लिए लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, नए साल की शुरुआत कड़ाके की ठंड और कोहरे के साथ होने का अनुमान है।
रविवार को 10 से 15 किलोमीटर की रफ्तार से चली पछुआ हवा ने शहर को कंपा के रख दिया। शहर में रविवार को पछुआ के प्रभाव से कोहरा जल्दी छंट गया, लेकिन हवा के चलते गलन का अहसास होता रहा। दोपहर में कोहरा छंटने पर सूरज के दर्शन भी हुए लेकिन उसका असर बेअसर रहा। रविवार को दिन का तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम रहा। न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में तीन तक बंद रहेंगे 12वीं तक के सभी स्कूल, ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें
ठंड के चलते शहर के मुख्य बाजारों में आम दिनों के मुकाबले भीड़ कम रही। बाजारों में दुकानों के आगे लोग अलाव जलाकर हाथ सेंकते रहे। पिछले तीन दिनों से गलन बढ़ने की वजह से लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। सुबह जरूरी काम से निकले लोग गर्म कपड़े पहनकर निकल, लेकिन कांपते नजर आए। हालांकि रविवार को साल का अंतिम दिन ठंड होने के चलते युवाओं में उत्साह दिखा।
मौसम विज्ञान विभाग ने नए साल का पहला दिन भी ठंड के साथ शुरू होने का अनुमान जताया है। सोमवार को अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह घना कोहरा रह सकता है।