कॉलेजों को पांच साल की ऑडिट रिपोर्ट देनी होगी और खिलाड़ियों की खुराक तैयार करने के लिए डायटीशियन की मदद ली जाएगी। यही नहीं मेस के हर कर्मचारी का स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य होगा। सत्र के बीच में मेस की दरों में बढ़ोतरी नहीं होगी।
वर्तमान में वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में कक्षा छह से बारह तक के कुल 310 छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें 190 छात्र व 120 छात्राएं शामिल हैं।
गोरखपुर के वीर बहादुर सिंह स्पोटर्स कॉलेज के प्राचार्य एके पांडेय ने बताया कि शासन स्तर पर कॉलेज को पूरी तरह से छात्राओं के लिए आरक्षित करने की तैयारी चल रही है। अभी तक इसका कोई आदेश नहीं आया है। आदेश मिलते ही यहां के छात्रों को लखनऊ व सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज में शिफ्ट कर दिया जाएगा। जबकि वहां की छात्राएं प्रशिक्षण के लिए यहां आ जाएंगी। यह व्यवस्था आगामी सत्र से लागू होने की उम्मीद है।