गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने भी कुछ दिन पहले विश्वविद्यालय की आंतरिक कमेटी के साथ बैठक कर जांच की प्रगति पर चर्चा की। करीब एक घंटे तक हुई बैठक के दौरान कुलपति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कमेटी को हर पहलु पर जांच करने का निर्देश दिया।
मोबाइल मैकेनिक के नाम से शोध छात्रा ने की थी शिकायत
राष्ट्रीय महिला आयोग में प्रोफेसर की करतूत की शिकायत मोबाइल मैकेनिक बन कर की गई है। साथ ही वीडियो-ऑडियो समेत अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराया गया है। विश्वविद्यालय की आंतरिक कमेटी की जांच में सामने आया कि शिकायत करने वाला कोई मोबाइल मैकेनिक नहीं बल्कि एक शोध छात्रा है, जो प्रोफेसर के निर्देशन में शोध कर रही है।