दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में परीक्षा के बाद छात्रा प्रियंका कुमारी की मौत के मामले की सीबीसीआईडी या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग पर छात्रों के दो गुटों ने सोमवार को मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। पहले से मौजूद पुलिस ने नारेबाजी कर रहे छात्रों को समझा-बुझाकर रोक दिया। इसके बाद मुख्य नियंता प्रो सतीश चंद्र पांडेय ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन छात्रनेताओं से लिया और प्रशासन तक उनकी मांगों को पहुंचाने का आश्वासन दिया।
विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के संबंध में पुलिस व प्रशासन पहले से ही सतर्क था। मुख्य द्वार पर पुलिस बल की तैनाती सुबह से ही की गई थी। वहीं नियंता मंडल ने भी प्रवेश को लेकर सख्ती बरती। बगैर प्रवेश पत्र किसी को जाने नहीं दिया गया। शिक्षकों से भी सहयोग करने का अनुरोध किया गया। सुबह करीब 11 बजे छात्र नेता मनीष ओझा के नेतृत्व में छात्रों का एक गुट पहुंचा और विवि मुख्य द्वार पर प्रदर्शन करने लगे।
कुछ ही देर में अमन यादव व उनके सहयोगी भी आ गए और छात्रा की मौत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करने लगे। एडीएम सिटी ने उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया। इस दौरान पुलिस भी चौकस रही। मनीष ओझा ने कहा कि सप्ताह भर में मांगों पर विचार नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन करेंगे।
इस अवसर पर अरुण यादव, गौरव वर्मा, नारायण दत्त पाठक, प्रतीक त्रिपाठी, कार्तिक यादव, हर्ष तिवारी, सतीश प्रजापति, उज्जवल सिंह, अभिषेक यादव, नागेंद्र यादव, पिंटू चौहान, आकाश यादव, सर्वेश त्रिपाठी, मोहित गुप्ता, तोष निधि त्रिपाठी, अर्जुन शर्मा, विशु शर्मा, अंकित सिंह, पिंटू चौहान, हर्ष मिश्रा, चंदन यादव आदि छात्र मौजूद रहे।
यह है मांगें...
- घटना की सीबीसीआईडी या स्वतंत्र एजेंसी से जांच।
- घटना में लिप्त लोगों पर कार्रवाई हो।
- मृतक छात्रा के परिजनों को उचित मुआवजा मिले।
- परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने कहा कि कुछ लोगों ने विश्वविद्यालय में परीक्षा को प्रभावित करने की कोशिश की जिन्हें रोक दिया गया। सारी परीक्षाएं सुचारू रूप से हुई है। विश्वविद्यालय की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।