गोरखपुर विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रशासन विभाग ने आगामी शैक्षणिक सत्र से एमबीए (रेगुलर) प्रोग्राम को आईआईएम लखनऊ के सहयोग से नई शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत नया स्वरूप दिया गया है। इसके साथ ही नए शुरू होने वाले एमबीए (पैकेजिंग एंड लॉजिस्टिक) प्रोग्राम को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग व आईआईएम लखनऊ के मदद से तैयार किया गया है।
सोमवार को कुलपति प्रो. राजेश सिंह की अध्यक्षता में बैठक में ये निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय में संचालित एमबीए रेगुलर प्रोग्राम की वर्षों से संशोधित नहीं किया गया था। आईआईएम लखनऊ के सहयोग से सिलेबस को संशोधित किया गया और इसमें नवीन कोर्स करिकुलम जो आईआईएम तथा फॉरेन बिजनेस स्कूल्स में पढ़ाया जाता है के अनुसार बनाया गया है।
प्रतिष्ठित आईआईएम तथा फॉरेन बिजनेस स्कूल्स में सिलेबस बाजार की मांग के अनुसार हर वर्ष परिवर्तित किया जाता है। विश्वविद्यालय के प्रयास से लगभग 20 साल बाद एमबीए का सिलेबस संशोधित किया गया है तथा एक नया प्रोग्राम लांच किया गया है। दोनों प्रोग्राम में कुछ कक्षाएं आईआईएम तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के शिक्षक करेंगें।
एमबीए रेगुलर प्रोग्राम के सिलेबस संशोधित करने में व्यवसाय प्रशासन विभाग के बोर्ड ऑफ स्टडीज के सदस्य भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ के प्रो. सुशील कुमार, प्रो पंकज कुमार का दिशा निर्देशन प्राप्त हुआ। बोर्ड ऑफ स्टडीज के सदस्य प्रो. श्रीवर्धन पाठक (अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय), डॉ. सत्यपाल सिंह (विभागाध्यक्ष) तथा डॉ. राजू गुप्ता आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अनुशासनहीनता में तीन छात्रों को नोटिस जारी
अनुशासनहीनता में तीन छात्रों को नियंता द्वारा नोटिस जारी किया गया है। जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति कम होगी उनका परिणाम रोक दिया जाएगा। गेस्ट फैकल्टी/शिक्षकों को चेतावनी दी गई कि अगर मूल्यांकन में कोई कमी की गई तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। बैठक में इस पर फैसला लिया गया है।