नवनियुक्त कुलपति पर परिसर में शैक्षणिक वातावरण बनाना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी। परिसर में शिक्षक, कर्मचारियों के बीच चल रहे अंतरकलह को पार कर छात्र हित में कार्य करने के लिए उनको प्रेरित करना होगा।
इन कामों के लिए याद किए जाएंगे प्रो. राजेश सिंह
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह से छात्र, शिक्षक व कर्मचारी सभी से ठनी रही। इसके बावजूद उनके कार्यकाल की एक बड़ी उपलब्धि यह रही कि उन्होंने यहां के कोर्सेज को अपडेट किया। उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग और कृषि सहित सात नई फैकल्टी खोली गईं। साथ ही 100 के करीब नए प्रोफेशलन कोर्सेज चर्चा में रहे। इन्होंने प्लेसमेंट सेल को एक्टिव किया, जिससे छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही नौकरी मिलनी शुरू हो गई।
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अखिल भारतीय विद्यालय परिषद से कुलपति प्रो. राजेश सिंह के विवाद ने तो विश्वविद्यालय के इतिहास में काला पन्ना लिख दिया। विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार कुलपति पर हमला बोला गया और कुलसचिव को बुरी तरह मारा-पीटा गया। उस विवाद के बाद एबीवीपी ने बाकायदा कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दोनों पक्ष में आरोप-प्रत्यारोप और चेतावनी को दौर चला।
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छात्रहित सर्वोपरी, शैक्षणिक गुणवत्ता पर होगा जोर- प्रो. पूनम
गोरखपुर विश्वविद्यालय की नवनियुक्त कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बातचीत में कहा कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ छात्रहित उनके लिए सर्वोपरी होगा। उन्होंने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय का पूरे देश में नाम है। यहां के शिक्षक और छात्र भी बहुत अच्छे हैं। विश्वविद्यालय को हाल ही में नैक ''ए प्लस प्लस'' ग्रेड भी मिला हैं।
कुलाधिपति की इच्छानुसार अब हमें अंतराष्ट्रीय रैंकिंग में गोरखपुर विश्वविद्यालय को स्थान दिलाना है। छात्रों की जो भी समस्याएं होंगी, उनका निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। विश्वविद्यालय को शैक्षिक स्तर पर ऊंचाइयों पर ले जाने में शिक्षक का भी पूरा सहयोग लिया जाएगा।