फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: 30 एकड़ में बन रही थी अवैध कालोनी, जीडीए ने चलाया बुलडोजर

Sat, 26 Aug 2023 04:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि किसी भी भूमि और प्लाॅट को खरीदने से पहले उसकी पड़ताल जरूर करें। अधिकृत कॉलोनियों एवं भू उपयोग के विपरीत अनाधिकृत विकास के भी खिलाफ उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर के जीडीए क्षेत्र में अवैध कॉलोनी बसाने की तैयारी चल रही थी। एए रेड हिल्स इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से तालजहदा गायघाट में एक स्कूल के पास लगभग 15 एकड़ भूमि पर एन टॉप हिल और 15 एकड़ में वाटिका बिहार नाम से आवासीय कॉलोनी बनाई जा रही थी। शिकायत मिलने पर शुक्रवार को जीडीए ने निर्माण पर बुलडोजर चलवा दिया।

विज्ञापन


शुक्रवार को जीडीए के विशेष कार्य अधिकारी पीके सिंह के नेतृत्व में सहायक अभियंता कुंज बिहारी, राज बहादुर सिंह, बीके शर्मा ओर अवर अभियंता रमापति वर्मा, मनीष कुमार त्रिपाठी, डीएन शुक्ला की टीम पुलिस बल के साथ तालजहदा, चिलुआताल पहुंची।

टीम ने एए रेड हिल्स इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के आलमगीर अंसारी और अंकुश शर्मा को मौके पर बुलाया। मानक पूरे न होने पर अधिकारियों ने कार्रवाई की। उन्होंने फर्म से जुड़े लोगों को बिना मानक पूरे किए दोबारा कोई कार्य न कराने की चेतावनी दी।
विज्ञापन


 

विज्ञापन

फोटो डालकर लोगों को कर रहे थे भ्रमित

जीडीए अधिकारियों ने बताया कि सोनौली पीपीगंज रोड पर जिस फर्म के भूखंडीय विकास पर कार्रवाई की गई है। उसे फर्जी तरीके से बढ़ा-चढ़ा कर अन्यत्र साइट की फोटो डाल कर इंटरनेट मीडिया पर विज्ञापन कर लोगों को भ्रमित किया जा रहा था। मौके पर फर्म ने कोई विशेष कार्य भी नहीं किया था। शिकायत मिलने पर पहले प्रकरण की जांच की गई। इसके बाद कार्रवाई की गई।

जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि किसी भी भूमि और प्लाॅट को खरीदने से पहले उसकी पड़ताल जरूर करें। अधिकृत कॉलोनियों एवं भू उपयोग के विपरीत अनाधिकृत विकास के भी खिलाफ उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। आगे भी अभियान जारी रहेगा।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें