कई पाठ्यक्रमों का परीक्षा एक साल पहले ही घोषित हो गया था लेकिन अंकपत्र नहीं मिलने से छात्र परेशान थे। देवरिया, कुशीनगर के अलावा गोरखपुर के दूर-दराज के छात्र हर रोज बड़ी संख्या में अंकपत्र के लिए विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंच रहे थे। परीक्षा विभाग में संपर्क करने के बाद भी उनको मायूसी हाथ लग रही थी।
अंकपत्र नहीं मिलने की शिकायत लेकर पहुंच रहे थे छात्र
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने चार सितंबर को पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद से ही वह आए दिन छात्र अंकपत्र नहीं मिलने की शिकायत लेकर पहुंच रहे थे। चतुर्थ सेमेस्टर में पढ़ाई करने वाले छात्र को अभी तक प्रथम सेमेस्टर का अंकपत्र नहीं मिला था।
इसको गंभीरता से लेते हुए कुलपति ने परीक्षा विभाग और एजेंसी को जल्द से जल्द अंकपत्र जारी करने का निर्देश दिया। परिणाम स्वरूप उनके पदभार ग्रहण करने के 40 दिन के अंदर सवा लाख अंकपत्र छप कर आ गया।
गोविवि परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2022-23 के साथ पिछले सत्र के शेष बचे वार्षिक एवं सेमेस्टर अंकपत्र छप कर आ गया है। इसमें स्नातक, परास्नातक एवं स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम का अंकपत्र शामिल है। अंकपत्र को संबंधित विभाग और कॉलेज भेजने की तैयारी की जा रही है।