गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा परास्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को प्रोन्नत देने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। कॉपियों का मूल्यांकन भी अंतिम चरण में है। इसके बाद औसत मूल्यांकन निकाला जाएगा। सितंबर के पहले सप्ताह में रिजल्ट घोषित किए जा सकते हैं। परीक्षा विभाग को अब शासन के अनुमति का इंतजार है।
विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति की बैठक में प्रोन्नत को लेकर फार्मूला तैयार कर लिया गया है। जिसके अनुसार तैयारी चल रही है। इसके अलावा अंतिम वर्ष की परीक्षाएं एक सितंबर से कराए जाने का शेड्यूल बन गया है। परीक्षा में गैप देने के लिए अवधि बढ़ाई गई है। एक पॉली में ही परीक्षा कराने का प्रस्ताव बना है। वहीं, कॉपियों का मूल्यांकन करीब 70 फीसदी हो चुका है।
कोविड-19 को देखते हुए दूसरे जिलों के शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए नहीं बुलाया जा रहा है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रोन्नत और परीक्षा का शेड्यूल शासन को भेजा जा चुका है। तैयारी चल रही है। हालांकि अभी तक शासन से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है। जैसे ही शासन का निर्देश आएगा, शेड्यूल के मुताबिक परीक्षा संबंधित कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।