गोरखपुर में लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर पिछले डेढ़ माह से सभी प्रकार की दुकानें बंद हैं। इसके बाद भी इन दुकानदारों के पास विद्युत निगम की तरफ से जो बिल भेजे गए हैं उससे व्यापारियों की मुसीबत बढ़ गई है। बंदी के दौरान उन्हें जो बिल मिला है वह सामान्य दिनों की अपेक्षा डेढ़ से दोगुना तक ज्यादा है। जबकि डेढ़ महीने के दौरान दुकानें खुली ही नहीं है।
केस 1
राप्तीनगर के मनोज का जनरल स्टोर है। लगभग डेढ़ महीने से दुकान बंद है। न फ्रिज चल रहा और न ही डीप फ्रीजर, इसके अलावा दुकान में कूलर, पंखा, बल्ब जलना भी बंद है। उन्होंने दो-तीन बार ही दुकान साफ-सफाई के लिए खोली। मार्च में जब दुकान रोज खुल रही थी तो महीने का बिल 1600 रुपये था। वहीं बंदी के समय में उनका वर्तमान माह का बिल 6000 रुपये आया है। इससे परेशान मनोज खंड दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं।
केस 2
जाफरा बाजार में शिवम की रेडीमेड कपड़े की दुकान है। बड़े बाजार में लॉकडाउन लगने के बाद एक भी दुकान नहीं खुली। चाहे कपड़े की हो, इलेक्ट्रॉनिक्स, सराफा या फिर अन्य। सभी पर ताले पड़ें हैं। शिवम ने बताया कि उनके दुकान पर औसतन दो से ढाई हजार रुपये का बिजली बिल आता था। अप्रैल के अंत से पूरे मई दुकान नहीं खुली इसके बाद भी 5430 रुपये का बिल भेज दिया गया। अब वे इसे ठीक कराने के लिए परेशान हैं।