गोरखपुर में इस बारिश भी शहर के कई इलाकों के लोगों को गड्ढों वाली सड़क से निजात मिलने वाली नहीं है। बारिश के मौसम के शुरू होने में अब एक पखवाड़ा का समय रह गया है और इन सड़कों को बनाने या मरम्मत करने का काम भी शुरू नहीं हुआ है। विभिन्न इलाकों में सड़कों की स्थिति इतनी खस्ताहाल है कि अगर इसमें संभलकर नहीं चले तो गिरना तय है। और जब बारिश शुरू हो जाएगी तो पानी से भरे सड़कों के इन गड्ढों की वजह से लोगों की परेशानी और बढ़ने वाली है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में पड़ताल की तो सड़कों की ऐसी ही खस्ताहाल स्थिति नजर आयी।
गुरुवार को केरल के तट पर मानसून ने दस्तक दे दी। ऐसे में अगले 12 से 15 दिन में गोरखपुर में बारिश की मौसम का रंग दिखना शुरू हो जाएगा। लेकिन जिस रफ्तार से नगर निगम क्षेत्र में सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है, ऐसे में उम्मीद कम है कि पानी से भरे हुए गड्ढों वाली सड़कों से लोगों को राहत मिल सके। रुस्तमपुर वार्ड के चिल्मापुर रोड की मुख्य सड़क के अलावा चिल्मापुर से बगहा बाबा मंदिर वाली सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे दिखे। गाड़ी तो क्या, पैदल चलना भी मुश्किल है।
शहर की सबसे मुख्य सड़क हरिहर प्रसाद दुबे मार्ग पर रुस्तमपुर ढाले से फिराक चौराहे तक सड़क में केवल गड्ढे ही गड्ढे हैं। पादरी बाजार से इस्टर्नपुर गांव तक की सड़क और पादरी बाजार से मोहनापुर जाने वाली सड़क की स्थिति भी खस्ताहाल है। जनप्रिय विहार वार्ड में हड़हवा फाटक से साकेत नगर की सड़क काफी खराब है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सड़क के निर्माण का शिलान्यास भी किया था, लेकिन निर्माण अब तक अधूरा है। जंगल तुलसीराम बिछिया वार्ड में आजाद नगर दुर्गा मंदिर से डिवाइन पब्लिक स्कूल तक की सड़क की भी स्थिति ऐसी ही है। माधोपुर वार्ड में संत निरंकारी भवन के पास सड़क गड्ढों में तब्दील है। गंगेज चौराहे के पास भी सड़क टूटी हुई है। जाफरा बाजार वार्ड में दुर्गाबाड़ी से सूरजकुंड रोड का हाल भी कुछ ऐसा है।
चिल्मापुर की शिक्षिका बुशरा जमाल ने कहा कि चिल्मापुर में सड़कों की स्थिति काफी खराब है। नाले का पानी सड़क पर फैला रहता है। बारिश के दिनों में और दिक्कत होती है।
बेतियाहाता के मोहित धर दुबे ने बताया कि कई साल से सुनते आ रहे हैं कि हरिहर प्रसाद दुबे मार्ग का उद्धार होने वाला है, लेकिन पता नहीं यह शुभ घड़ी कब आएगी।
जाफरा बाजार के धर्मवीर सोनकर ने कहा कि काफी समय से इस सड़क के बनने का इंतजार है। हल्की सी बारिश में सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है। नगर निगम को बारिश से पहले कम से कम इसे कुछ चलने लायक बना देना चाहिए।
पादरी बाजार के विशाल साहनी ने कहा कि ऐसा लगता है कि बाहरी वार्ड होने की वजह से नगर निगम का इधर ध्यान भी कुछ कम रहता है। सड़कों में जो गड्ढे हैं, उन्हें नगर निगम दुरुस्त तो कर ही सकता है।
नगर निगम के चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में नगर निगम, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और डूडा के द्वारा सड़कें बनाई जा रही हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को बारिश से पहले सड़कों के निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा जिन सड़कों के टूटे होने की जानकारी मिलेगी, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जाएगा।