गोरखपुर जिले में पिछले तीन साल में 15 अभियुक्तों पर रासुका लगाया गया। इनमें पंचायत चुनाव में हिंसा फैलाने वालों के साथ ही हत्या व दुष्कर्म जैसे अपराध करने वाले शामिल हैं।
गोरखपुर में रासुका के तहत प्रदेश में सर्वाधिक कार्रवाई हुई है। पिछले तीन साल के दौरान प्रदेश में करीब 123 मामलों में रासुका के तहत कार्रवाई की गई, लेकिन 102 मामले राज्य परामर्शदात्री समिति ने खारिज कर दिए। जिन 21 मामलों को अनुमोदन मिला उनमें से 15 गोरखपुर के हैं। डीएम का कहना है कि किसी भी दशा में अराजकता फैलाने की छूट नहीं दी जाएगी। जघन्य घटनाओं को अंजाम देने वालों पर रासुका के तहत कार्रवाई होगी।