नगर निगम ने इन गांवों के विकास के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की थी। 193 करोड़ रुपये के प्रस्ताव में करीब 500 परियोजनाओं को शामिल किया गया था। इसमें से 439 कार्यों को अंतिम रूप से सूची में जगह मिली। शासन के निर्देश के बाद विकास कार्य कराने का जिम्मा जीडीए को दिया गया। त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत प्रस्तावित इन कार्यों के लिए जीडीए द्वारा नए सिरे से आगणन तैयार कर शासन को भेजा गया था जिसे अब स्वीकृति मिल गई है।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि त्वरित विकास योजना के तहत नगर निगम में शामिल 32 गांवों में विकास कार्यों के लिए भेजे गए आगणन को मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी कर दिया गया है। सभी कार्य 15 जनवरी तक पूरे कर लिए जाएंगे।
नगर निगम में शामिल हुए हैं ये 32 गांव
सिक्टौर तप्पा हवेली, रानीडीहा, खोराबार उर्फ सूबा बाजार, जंगल सिकरी, भरवलिया बुजुर्ग, कजाकपुर, बड़गो, मनहट, गायघाट बुजुर्ग, पथरा, रानीबाग, सेमरा देवी प्रसाद, गुलरिहा, मुडिला उर्फ मुंडेरा, मिर्जापुर तप्पा खुटहन, करमहा उर्फ कम्हरिया, जंगल तिकोनिया नंबर एक, जंगल बहादुर अली, नुरुद्दीन चक, चकरा सेयम, रामपुर तप्पा हवेली, सेंदुली बेंदुली, कठवतिया उर्फ कठउर, पिपरा तप्पा हवेली, झरवा, हरसेवकपुर नंबर दो, लक्ष्मीपुर तप्पा कस्बा, उमरपुर तप्पा खुटहन, जंगल हकीम नंबर दो और संझाई।