जमीन अधिग्रहण से प्रभावित लोग मुआवजा बढ़ाने की कर रहे मांग
गोरखपुर। रामगढ़ताल के किनारे कुनराघाट से सहारा एस्टेट तक बनने वाली सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण से प्रभावित काश्तकारों ने शनिवार को काम रुकवाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अपने जमीनों को आवासीय सर्किल रेट से दो गुना मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। सूचना पर जीडीए के अभियंता पहुंचे और बातचीत का प्रयास किया, लेकिन देर शाम तक मामले का कोई हल नहीं निकला था।
सहारा एस्टेट से कुनराघाट तक करीब चार किलोमीटर टू लेन सड़क रामगढ़ताल के बांध से सटे बनाई जानी है। इसके लिए बगल के काश्तकारों से भी जमीन ली जा रही है। काश्तकार जमीन के बदले मिलने वाले मुआवजे को लेकर असंतुष्ट हैं। इसी के विरोध में शनिवार सुबह करीब 10 बजे ही बड़ी संख्या महिला-पुरुष बंधे पर चल रही मिट्टी भराई काम को रोकने पहुंचे।
काम रुकवाकर प्रदर्शन करने की सूचना मिलने पर जीडीए के अधिशासी अभियंता नरेंद्र कुमार एवं सहायक अभियंता ए के तायल मौके पर वार्ता करने पहुंचे। लोग यहां की जमीनों को आवासीय सर्किल रेट 1260 रुपये प्रति वर्ग फुट से दो गुना मुआवजा की मांग कर रहे थे। काफी प्रयास के बाद भी बात नहीं बनी तो अभियंता लौट गए। इसके बाद लोगों ने बृजपाल सिंह की अगुवाई में बैठक की। बृजपाल सिंह ने आरोप लगाया कि जीडीए के अधिकारी लोगों को गुमराह कर रहे हैं। ये लोग शासन को गलत जानकारी देकर जनता का नुकसान करा रहे हैं। जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, हम लोग जमीन नहीं देंगे।
इस अवसर पर रेनू सिंह, सर्वेश पांडे, रामप्रवेश पाठक, विनोद यादव, विशाल चंद, अंजलि चंद अरविंद कुमार राय, रिंकू कुमार, सुरेंद्र यादव, कैप्टन शिव विजय पांडे, मनोहर सिंह, भावेश मिश्रा, रुक्मिणी देवी, पंकज कुमार यादव आदि मौजूद रहे।