रामजानकी मार्ग से बगहा जाने वाले संपर्क मार्ग की तरफ नदी का रुख
मार्ग से महज सात मीटर की दूरी पर नदी, लाल निशान से 1.4 मीटर नीचे बह रही
बड़हलगंज/चिल्लूपार। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से बगहा दियारा में कटान तेज हो गया है। अब संपर्क मार्ग से कुछ ही दूरी पर नदी का फासला रह गया है। गांव के छह से अधिक लोगों ने संपर्क मार्ग पर शरण ली है।
24 घंटे से हो रही बारिश से कछार वासियों के लिए दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। उधर, सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से बगहा दियारा में कृषि भूमि को काटते हुए गांव की ओर तेजी से बढ़ रही है। राम जानकी मार्ग से बगहा जाने वाले संपर्क मार्ग की ओर नदी ने अपना रुख अख्तियार कर लिया है। मार्ग से महज सात मीटर की दूरी पर नदी रह गई है।
पिछले वर्ष कटान से बेघर घर हुए पीड़ित एक बार फिर सहमे हुए हैं। पीड़ित जितेंद्र साहनी, रामलाल पाल, कन्हैया पाल, मुन्नीलाल हरिजन, सोनू पाल, अमरनाथ साहनी, बेचनी देवी आदि पीड़ितों का कहना है कि राम जानकी मार्ग पर सड़क पर शरण लिए हुए हैं। यदि सड़क भी कट गई तो कहा जाएंगे। हाल जानने पहुंचे जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र यादव के सामने पीड़ित फफक कर पीड़ित रो पड़े।
मालूम हो कि क्षेत्र से गुजरने वाली राप्ती नदी चेतावनी बिंदु से काफी नीचे है। जबकि सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी जारी है। नदी खतरे के निशान से महज 1.4 मीटर नीचे है। रविवार शाम बरहज में सरयू का जलस्तर 65.100 मीटर दर्ज किया गया। जबकि नदी का चेतावनी बिंदु 66.500 मीटर है। बढ़ते जलस्तर के बीच बगहा देवार गांव में कटान जारी है। नदी कटान करते हुए आबादी के करीब आ चुकी है।
पिछले वर्ष बाढ़ के दिनों में गांव के 12 से अधिक छप्पर के आशियाने समेत प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी, एक कमरे की दीवार नदी की धारा में समा गई थी। इस वर्ष भी कई आशियाने नदी में समा सकते हैं। फिलहाल राप्ती के बढ़ रहे जलस्तर से इलाके में अभी खतरे जैसी कोई बात नहीं है। लेकिन तटवर्ती लोगों में बाढ़ की आशंका बनी हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि यदि जलस्तर में ऐसे ही बढ़त जारी रहा तो कछार और दियारा के कम से कम 100 गांव बाढ़ से प्रभावित हो जाएंगे। कई गांव उसकी चपेट में आ जाएगा।
ग्रामीण अरविंद सिंह, ओमप्रकाश तिवारी, रुद्रेश तिवारी, संतोष यादव, पटेल यादव, रजनीश तिवारी, भगवती पांडेय , रामनरेश निषाद, सत्यप्रकाश शाही, सोहेल आलम आदि का कहना है कि नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। वहीं बारिश के पानी से अभी फसलों फायदा है।
कोट
बरहज में सरयू के बढ़ते जलस्तर के बीच नदी खतरे के निशान से केवल 1.4 मीटर नीचे है। जबकि राप्ती का जलस्तर चेतावनी बिंदु से काफी नीचे है। दोनों नदियों का जलस्तर बारिश से बढ़ रहा है। बगहा में कटान रोधी कार्य युद्धस्तर पर कराए जा रहे हैं। विभाग के कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। बढ़ते जलस्तर पर निगाह रखी जा रही है। दोनों नदियों से बंधों को कोई खतरा नहीं है ।
- वैभव सिंह, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड दो, सिचाई विभाग, गोरखपुर