प्रेमी युगल के सुसाइड का मामला : रामघाट पर अगल-बगल में जलीं चिताएं
दोनों परिवार की चीख पुकार से गूंज उठा रामघाट, पुलिस रही तैनात
घटना के एक दिन पहले साथ जी नहीं सके तो साथ मरने की खाई थीं कसमें
दुकान से तीन सहकर्मियों के साथ निकलते वक्त युवती ने जीवन का बड़ा फैसला लेने की कही थी बात
पिपराइच (गोरखपुर)। प्यार करने वाले दो दिलों की कहानी पिपराइच में हमेशा के लिए थम गई। परिवार से विरोध झेल रहे प्रेमी-प्रेमिका ने साथ जीने-मरने की कसम निभाते हुए सोमवार रात हमसफर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। मंगलवार को पुलिस की मौजूदगी में दोनों परिवार के लोगों ने रामघाट पर अगल बगल में दाहसंस्कार किया। दोनों के पिता ने मुखाग्नि दी। वहीं देर शाम मृतक के परिजनों के घर पहुंचे महेंद्र पाल सिंह ने परिजनों का ढांढ़स बांधा।
पिपराइच कस्बे के वार्ड नंबर 11 निवासी विश्वकर्मा कुमार और 18 वर्षीय दिव्या एक-दूसरे से प्यार करते थे। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार वालों ने उनके रिश्ते को ठुकरा दिया। युवती के परिजनों ने उसकी शादी सऊदी अरब में काम करने वाले एक युवक से तय कर दी। विश्वकर्मा ने परिजनों से कहा था हम अलग होकर जिंदा नहीं रह पाएंगे। लेकिन दोनों परिवारों ने उसके चेतावनी को नजर अंदाज कर दिया था। पुलिस ने जब दोनों के मोबाइल की काॅल डिटेल निकलवाई तो पता चला कि विश्वकर्मा कुमार ने छठ पूजा की रात करीब 8 बजे युवती को कॉल कर रेलवे स्टेशन के पास बुलाया था। दोनों करीब एक घंटे तक बातचीत करते रहे। युवती ने बताया कि उसकी शादी तय हो गई है, जिस पर विश्वकर्मा ने कहा कि इस बार अकेला नहीं जाउंगा। तभी पिपराइच रेलवे स्टेशन से हमसफर एक्सप्रेस गुजर रही थी। दोनों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़ा और एक साथ ट्रेन के आगे कूद पड़े।
तेज रफ्तार ट्रेन से टकराकर विश्वकर्मा करीब 20 फीट दूर जा गिरा, उसका सिर फट गया। जबकि युवती के कपड़े ट्रेन में फंस गए और वह करीब 100 मीटर तक घसीटती चली गई। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। परिजन अब पछता रहे हैं कि काश, उन्होंने समय रहते दोनों की मोहब्बत को समझ लिया होता तो आज वह जिंदा होते।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे गए शव
दोनों शवों को जीआरपी ने रात में ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज भिजवा दिया था। मंगलवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे गए। शाम करीब 4:30 बजे दोनों परिवार पिपराइच के रामघाट पहुंचे। पहले युवती की चिता सजी, कुछ ही देर में विश्वकर्मा की अर्थी भी वहां पहुंच गई। दोनों की चिताएं अगल-बगल रखकर एक साथ जलाई गईं। दोनों के पिता ने ही दाह संस्कार किया। घाट पर मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। युवती की मां बार-बार रोते हुए कह रही थी कि अगर शादी कर दिए होते तो आज बेटी जिंदा होती। दोनों परिवारों की महिलाओं की चीख-पुकार से घाट का माहौल गूंज उठा।
युवती ने सहकर्मियों ने बड़ा फैसला लेने की कही थी बात
ट्रेन के आगे कूदकर जान देने वाली युवती ने सुसाइड से कुछ घंटे पहले अपने साथ काम करने वाली सहकर्मियों से जीवन का बड़ा फैसला लेने की बात कही थी। सोमवार शाम वह दुकान से तीन सहकर्मियों के साथ निकली थी। बातचीत के दौरान उसने कहा था कि अब मैं एक बड़ा फैसला लेने जा रही हूं, शायद यही आखिरी दिन हो। सहकर्मियों ने इसे मजाक समझकर टाल दिया। रात में युवती ने अपने प्रेमी विश्वकर्मा के साथ रेलवे ट्रैक पर कूदकर जान दे दी। घटना के बाद सहकर्मियों को युवती के कहे शब्द याद आकर सन्न रह गईं। इसका पर्दाफाश पुलिस की जांच में हुआ।
कोट
पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव का रामघाट पर दाहसंस्कार करा दिया गया है। परिजनों ने किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई करने से इन्कार किया है।
- अतुल श्रीवास्तव, थाना प्रभारी, पिपराइच