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Gorakhpur News: बच्ची से घर में जबरन कराते थे काम, रिश्तेदार के पास भी भेजते थे, गिरफ्तार

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लापता बच्ची के 32 घंटे में मिलने का मामला : अपहरण और मानव तस्करी के आरोप में गांव के दो भाई पकड़े गए
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उरुवा बाजार/धुरियापार। उरुवा थाना क्षेत्र में लापता बच्ची के 32 घंटे में मिलने के मामले में मानव तस्करी, अपहरण और बालश्रम का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने शुक्रवार को बच्ची के गांव के दो सगे भाइयों हर्ष चंद उर्फ नमन और ज्ञानेंद्र अंगद चंद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि दोनों घर में बच्ची को बंधक बनाकर काम कराते थे। रिश्तेदार के घर भी बच्ची को काम के लिए भेज देते थे। पुलिस ने दोनों को जेल भिजवा दिया गया।
जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के गांव निवासी व्यक्ति की 10 वर्षीय बेटी मंगलवार सुबह गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने गई थी, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटी। परिजनों ने पहले रिश्तेदारों और पड़ोसियों के यहां तलाश की, लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं चला। इस पर गांव के ही ओमप्रकाश चंद ने डायल 112 पर फोन कर बच्ची के गायब होने की सूचना दी।
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सूचना मिलते ही उरुवा थाना प्रभारी श्यामदेव चौधरी, सीओ गोला दरवेस और डॉग स्क्वॉड टीम मौके पर पहुंची और खेतों, बागों तथा तालाबों के आसपास खोजबीन शुरू की। इसके बाद भी बच्ची का कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर जांच तेज कर दी। घटना के करीब 32 घंटे बाद पुलिस ने ओमप्रकाश चंद के ही घर की छत से बच्ची को खोज निकाला। इसके बाद पूछताछ का दौर चला तो मामला मानव तस्करी और बाल श्रम से जुड़ा सामने आया।
जांच में पाया गया कि ओम प्रकाश चंद के पोते हर्ष चंद उर्फ नमन और ज्ञानेंद्र अंगद चंद बच्ची को घर में बंधक बनाकर जबरन काम कराते थे। इसके बाद बच्ची को अपने एक रिश्तेदार के यहां बहला-फुसलाकर जबरन मजदूरी कराने के लिए भेज दिए थे। पुलिस के दबाव में दोनों ने वापस बच्ची को बुला लिया। इसके बाद पुलिस को बाथरूम में मिलने की सूचना दे दी।
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इस संबंध में सीओ गोला देवरस कुमार ने बताया कि आरोपी हर्ष चंद उर्फ नमन और ज्ञानेंद्र अंगद चंद को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों के खिलाफ अपहरण, मानव तस्करी और बालश्रम अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से दोनों को भेज दिया गया है। बच्ची को चिकित्सीय परीक्षण के बाद बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया गया है।
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