सरयू नदी के कटान से लिंक एक्सप्रेस-वे के वजूद पर आ गया था खतरा
प्रदेश सरकार ने 200 करोड़ रुपये दिए थे धारा मोड़ने के लिए
बेलघाट। सरयू नदी की धारा कम्हरिया घाट पर बीते नवंबर में पुल के बजाय अचानक लिंक एक्सप्रेस-वे की तरफ मुड़ गई थी। पानी के उतार-चढ़ाव से आए इस परिवर्तन ने सड़क के वजूद पर संकट खड़ा कर दिया था। ऐसी आशंका थी कि नदी पुल के बजाए बहाव के लिए नया रास्ता न बना दे। इसके बाद सेतु निगम ने धारा को सीधा करके वापस पुल की तरफ मोड़ा। राहत की बात यह है कि धारा सीधी होने से अब पुल व सड़क दोनों सुरक्षित हैं।
लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण 31 दिसंबर को पूरा होना था। इससे पहले नवंबर के अंतिम सप्ताह में सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बाद लिंक एक्सप्रेस-वे के किनारे कटान होने लगा। एक सप्ताह में ही नदी पुल के एप्रोच तक पहुंच गई और सर्विस लेन की मिट्टी दरकने लगी। आनन-फानन में यूपीडा के अफसरों ने मौके का निरीक्षण किया। इसके बाद सिंचाई विभाग से मदद मांगी गई। बाद में सेतु निगम को यह काम सौंपा गया। सेतु निगम के अभियंताओं ने 200 करोड़ रुपये खर्च कर नदी की धारा को मोड़ा। इसके लिए सड़क की तरफ पहले जीओ बैग में मिट्टी भरकर डाली गई। इसके बाद लोहे का चैनल लगाकर इसे मजबूत बनाया गया। बाद में सड़क की तरफ से बोल्डर पिचिंग कर इसे पुख्ता किया गया।
सेतु निगम के अभियंता एके सिंह ने बताया कि सरयू नदी में पानी का प्रवाह अधिक होता है। बरसात में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सड़क के किनारे बोल्डर पिचिंग के बाद लोहे के एंगल लगाए गए हैं। उसके आगे प्लास्टिक की बोरियों की मजबूत दीवार बनाई गई है। इससे पानी पुल से ही होकर निकलेगा और सड़क पर कोई दबाव नहीं आएगा। धारा मोड़ने का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
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