बिहार प्रांत के सिवान जिले के बलिया गांव निवासी बताया जा रहा आरोपी
मकान मालिक व जालसाजी के शिकार लोगों ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा
गोरखपुर। कैंट थाने के सिंघड़िया इलाके में फर्जी ट्रेडिंग कंपनी खोलकर करोड़ों रुपये की जालसाजी के आरोपी सुशांत कुमार को पुलिस ने बृहस्पतिवार को जेल भिजवा दिया। एक रोज पहले उसे मकान मालिक की सूचना पर पादरी बाजार इलाके से गिरफ्तार किया गया था।
जानकारी के मुताबिक, बिहार प्रांत के सिवान जिले के दरौली थाने के बलिया गांव निवासी सुशांत कुमार ने सिंघड़िया इलाके के श्रीराम सिटी में एक ऑफिस खोला था। जुलाई 2024 में उसने कंपनी शुरू की था। उसने ट्रेडिंग में हाथ आजमाने वालों को 15 प्रतिशत हर महीने रिटर्न का लालच दिया था। साथ ही साढ़े तेरह महीने में रुपये डबल होने की बात कही थी। उसकी ठगी का शिकार हुए पीड़ित राम सिंह बेदी ने बताया कि शुरू के दो-तीन महीने उसने भरोसा जीतने के लिए रुपये भी दिए। भरोसा बढ़ा तो लोन लेकर और रुपये निवेश कर दिए। बताया कि अब तक कुल 25 लाख रुपये कंपनी में लगा चुके हैं। आरोप लगाया कि पिछले कुछ माह से रिटर्न आना बंद हो गया था। उसने अपना नंबर बंद कर लिया और कार्यालय पर ताला लग गया। उसकी गिरफ्तारी की सूचना पर पहुंचे मीना सिंह ने नौ लाख, संदीप श्रीवास्तव ने छह लाख, व्यास करण ने एक लाख, राजकुमार ने 10 लाख 50 हजार, राजबहादुर यादव ने पांच लाख 10 हजार, बलराम ने दो लाख्, संतोष कुमार मौर्य सहित करीब 50 लोगों ने दांव लगाने की बात बताई।
बुधवार की शाम वह पादरी बाजार इलाके में किराए का मकान खाली कर भागने की फिराक में था। मकान मालिक ने उसे रोकने की कोशिश की तो बहसबाजी हो गई। मकान मालिक ने ही पुलिस को सूचना दी। पादरी बाजार चौकी की पुलिस उसे शाहपुर थाने पर ले आई। यहां पर जालसाजी के शिकार करीब 50 लोग भी पहुंच गए। शाहपुर थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज राय ने कहा कि मामला कैंट थाने से जुड़ा था, इसलिए आरोपी को कैंट थाने पर भेज दिया गया है। कैंट पुलिस ने आरोपी को जिले भिजवा दिया।