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मिलावट का धंधा: चमक पर न जाएं...टीनोपॉल से चमका रहे चीनी की मिठाई और बताशा, आता है कपड़े चमकाने के काम

Wed, 15 Oct 2025 01:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

टीम ने रविवार को भी घोष कंपनी के पास एक दुकान पर छापा मारकर वहां से बड़ी मात्रा में रंग मिली चीनी की मिठाई और बताशा जब्त किया था। यहां पूछताछ में पता लगा था कि माया बाजार में एक कारखाने में यह रंगीन मिठाई और बताशा बनता है। दिवाली के दिन इसकी बिक्री बहुत अधिक होती है, इसलिए दुकानदार अभी से खरीदकर ले जा रहे हैं।
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शहर में बताशा व पेठा बनाने के कारखाना की जांच करने पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम। 
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विस्तार
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दिवाली के दिन पूजा में उपयोग होने वाली चीनी से बनी मिठाई और बताशा भी मिलावटी है। इसकी चमक पर न जाएं और खरीदने के पहले सावधान हो जाएं। बिहार के सीतामढ़ी से आए कारीगर बताशा को सफेद और चमकदार बनाने के लिए उसमें कपड़े में सफेदी लाने वाले टीनोपाॅल व रानीपॉल (बेंजिन सल्फोनिक अम्ल) का प्रयोग कर रहे हैं।
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंगलवार की देर शाम शहर के माया बाजार इलाके में चल रहे एक कारखाने इस तरह से तैयार 20 किलोग्राम बताशा और कलर के प्रयोग से बनी 50 किलो चीनी वाली मिठाई नष्ट कराई। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बीते 8 अक्तूबर से विशेष अभियान चला रखा है।

टीम ने रविवार को भी घोष कंपनी के पास एक दुकान पर छापा मारकर वहां से बड़ी मात्रा में रंग मिली चीनी की मिठाई और बताशा जब्त किया था। यहां पूछताछ में पता लगा था कि माया बाजार में एक कारखाने में यह रंगीन मिठाई और बताशा बनता है। दिवाली के दिन इसकी बिक्री बहुत अधिक होती है, इसलिए दुकानदार अभी से खरीदकर ले जा रहे हैं।

इस जानकारी के बाद मंगलवार को सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. सुधीर कुमार सिंह के निर्देशन में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन त्रिपाठी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी नागेंद्र, नरेंद्र, श्रीनिवास और कमल, शैलेंद्र आदि ने माया बाजार स्थित शुभम गुप्ता के कारखाने पर छापा मारा।

यहां बताशा और पेठा बनाने का काम हो रहा था। बेहद गंदगी के बीच बन रहे बताशा को बिहार के सीतामढ़ी से आए कारीगर बना रहे थे। छानबीन में यहां सूती कपड़े को चमकदार व कड़ा बनाने वाले लिक्विड के रैपर मिले। पूछताछ में कारीगराें ने बताया कि इससे बताशा अधिक सफेद दिखता है। टीम ने यहां से नमूने भी लिए।

मंगलवार को ही इससे पहले टीम ने शास्त्री चौक के पास बाइक पर रखे डिब्बे में पनीर बेचने वालों की जांच की। यहां खजनी में बने पनीर का एक नमूना लिया गया। पनीर बेचने वालों को अपने आधार कार्ड के साथ खाद्य सुरक्षा विभाग पहुंचकर अपना परिचय पत्र बनवाने का निर्देश दिया गया।

इसके अलावा गोरखनाथ इलाके के जेएमडी नमकीन फैक्टरी में रखा एक क्विंटल एक्सपायर्ड नमकीन भी टीम ने नष्ट कराया। इस नमकीन को दिवाली के लिए बनाए जा रहे नमकीन में मिलाने की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की गई।
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खाने से हो सकता है फूड पॉइजनिंग
खाद्य पदार्थों में रंग, टेल्कम पाउडर, सर्फ, टीनोपॉल जैसे अखाद्य सामग्री को मिलाना खतरनाक है। ऐसी मिठाइयों के सेवन से उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी दिक्कत हो सकती हैं। इसके अलावा इससे गंभीर एलर्जी का भी खतरा बना रहता है।

लिवर पर भी असर पड़ेगा। लोगों को त्योहार के लिए सामान खरीदते समय अधिक सतर्क रहने की जरूरत है: डॉ. राजकिशोर सिंह, फिजिशियन, बीआरडी मेडिकल कॉलेज

कुछ मिठाई विक्रेता मिठाइयों को अधिक सफेद और आकर्षक दिखाने के लिए ''''मीठा पाउडर'''' के नाम पर टेल्कम पाउडर और टीनोपॉल जैसे हानिकारक रसायनिक पदार्थों का उपयोग कर रहे हैं। ये पदार्थ स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक हैं। आम जनता से अपील है कि अस्वाभाविक रूप से चमकदार मिठाइयों को खरीदने से बचें और केवल स्वच्छ एवं पंजीकृत दुकानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदें: डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य
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