गोरखपुर। एम्स थाना क्षेत्र के रामगढ़ उर्फ रजही गांव के रमरसिया टोला निवासी गैंगस्टर दयाशंकर उर्फ देवेंद्र निषाद उर्फ डायना की एक करोड़ रुपये की संपत्ति प्रशासन ने मंगलवार को जब्त कर ली। डायना खुद को पुलिस या वन दरोगा बताकर कुसम्ही जंगल में प्रेमी जोड़ों को निशाना बनाकर लूटपाट और दुष्कर्म जैसी वारदातों को अंजाम देता था।
डीएम के निर्देश पर मंगलवार दोपहर तहसीलदार, राजस्व टीम और एम्स थाना पुलिस की टीम डायना के घर पहुंची। मुनादी करने के बाद जब्तीकरण की कार्रवाई की गई। टीम ने डायना के दो मकान जब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि ये संपत्तियां डायना ने अपराध के पैसों से अर्जित की थीं।
कार्रवाई करने वाली टीम में नायब तहसीलदार अरविंद कुमार पांडेय, एम्स थाना प्रभारी संजय कुमार, विनोद कुमार सिंह, शशिभूषण सिंह और अमीन योगेंद्र चौबे शामिल रहे। पुलिस के मुताबिक, डायना गिरोह के तीन गुर्गाें पर फरवरी 2024 में गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था। मुख्य आरोपी डायना के खिलाफ 36 केस दर्ज हैं। इनमें लूट, दुष्कर्म, हत्या की कोशिश और पुलिस पर हमले के मामले शामिल हैं।
जून 2024 में युवती ने दर्ज कराया था दुष्कर्म का केस
जून 2024 में एक युवती ने डायना के खिलाफ लूट और दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। शिकायत के बाद पुलिस जब पकड़ने उसके घर गई तो डायना और उसके साथियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। हालांकि पुलिस ने बाद में गिरोह के सभी गुर्गों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था।
कुसम्ही जंगल में था आतंक
डायना और उसका गिरोह लंबे समय से कुसम्ही जंगल में सक्रिय था। बुढ़िया माई मंदिर और विनोद वन घूमने आने वाले प्रेमी जोड़े इनके निशाने पर होते थे। डायना और उसके गिरोह के गुर्गे खुद को पुलिसकर्मी या वन विभाग अधिकारी बताकर जोड़ों को डराते, फिर उनसे रुपये और जेवर लूट लेते थे।