महाराष्ट्र के पुणे में दीदी के घर पर था रोहित, जीजा के साथ आया वापस
अपनी गलती की परिजनों और पुलिस से मांग रहा माफी
गोरखपुर। हिंदी बाजार के सराफा कारोबारी जालंधर मुंबइया का बेटा रोहित सांवत पुलिस की सख्ती पर बुधवार को घर लौट आया। उसे सकुशल देख परिवारवालों की आंखों से आंसू छलक पड़े। रोहित भी पिता के पैर पकड़कर अपनी गलती की माफी मांगने लगा। कहा- कुछ परेशानियों की वजह से अपने अपहरण की कहानी रची। बहुत बड़ी गलती हो गई। मुझे माफ कर दीजिए।
वहीं, पुलिस की पूछताछ में रोहित ने बताया कि गोरखपुर से निकलकर महाराष्ट्र के पुणे शहर चला गया था। वहां दीदी के घर रुका था। झूठ बोलने का पछतावा होने पर घरवालों से कॉल करके बात की, लेकिन घर आने में डर लग रहा था। बुधवार को जब वह जीजा के साथ अचानक घर पहुंचा तो उसे देखकर घरवाले और पत्नी रोने लगी। काफी देर तक वह पिता के पैर पकड़कर माफी मांगता रहा। इसके बाद पुलिस को भी अपनी परेशानी बताई। वह क्या बात है, न ही पुलिस वाले और न ही घर वाले उसे सार्वजनिक कर रहे हैं।
पुलिस की सख्ती के बाद लौटा घर
22 जनवरी को रोहित ने अपने अपहरण की चिट्ठी रैपिडो चालक से पिता के पास भिजवाई थी। उसमें 10 करोड़ रुपये फिरौती मांगी थी। इस पर परिजनों ने राजघाट थाने में सूचना दी। पुलिस ने जांच शुरू की तो गोरखपुर और लखनऊ में उसका कार चलाता वीडियो मिला। इससे ये तो साबित हो गया कि उसका अपहरण नहीं हुआ है, लेकिन उसने ऐसा क्यों किया यह जानने के लिए पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, इसी बीच उसकी लोेकेशन पुणे में मिली। वह घरवालों से बात तो कर रहा था, लेकिन लौटने से डर रहा था। तब पुलिस वालों ने उससे बातचीत की। जब पुलिस ने कार्रवाई की चेतावनी दी तब वह अपने जीजा के साथ घर लौट आया।
कोट-
सराफा कारोबारी का बेेटा घर लौट आया है। उसने कुछ परेशानियों की वजह से अपहरण की कहानी रच कर घर छोड़ा था। उसे अपनी गलती का पछतावा है और उसके लिए माफी मांग रहा है। पत्र व अन्य मामलों में पूछताछ की जाएगी।
-अभिनव त्यागी, एसपी सिटी