सबसे आगे इमामबाड़ा इस्टेट का परचम और उसके बाद था शहनाई वादकों का जत्था
जगह-जगह पर लोगों ने किया स्वागत, कर्बला में हुआ ठहराव
गोरखपुर। मुहर्रम की 5वीं तारीख का मियां साहब का परंपरागत शाही जुलूस इमाबाड़ा इस्टेट के पश्चिम फाटक से शान के साथ निकाला गया। सुबह 9:30 बजे अदनान फर्रुख अली शाह (मियां साहब) के साहबजादे सैय्यद अयान अली शाह के नेतृत्व में जुलूस पूर्व परंपरा के साथ निकाला गया। यह इमामबाड़ा से शुरू होकर बक्शीपुर, अलीनगर, जाफरा बाजार, घासीकटरा, साहबगंज, खूनीपुर, नखास, कोतवाली होते हुए वापस इमामबाड़ा परिसर में लौटा।
जुलूस में पुरानी रवायत के मुताबिक सबसे आगे इमामबाड़ा इस्टेट का परचम और उसके बाद शहनाई बजाने वालों का जत्था चल रहा था। शहनाई पर मातमी धुन बजाई जा रही थी। इसके अलावा घोड़े-बैंड, पुश्तैनी सैनिकों की आठ पलाटून सड़क के दोनों तरफ चल रही थी। इसके पीछे सोने-चांदी का अलम लिए हुए खास लोगों का दल था। रास्ते में कई जगहों पर जुलूस का खैर मकदम किया गया।
जगह-जगह हुआ स्वागत
इमामबाड़ा कमाल शहीद मजार पर डाॅ. मुम्ताज अहमद की अगुवाई में शाही जुलूस का स्वागत किया गया। इसके अलावा अलीनगर चौराहा पर आफताब अहमद, जाफरा बाजार चौराहा पर डॉ. सुधाकर पांडेय, जाफरा बाजार पुल के पहले इमामबाड़ा मुतवल्लियान संघ के अध्यक्ष सैय्यद इरशाद अहमद, महासचिव हाजी सोहराब खां, शकील शाही आदि ने स्वागत कयया। इसके बाद जुलूस कर्बला पहुंचा, जहां मियां साहब ने कुछ देर विश्राम किया। करबले से निकल कर सैय्यद अयान अली शाह ने जुलूस को पुरानी रवायत के मुताबिक आगे बढ़ाया। यहां से परंपरागत रूप से बक्शीपुर के भगवती चौक का जुलूस मियां साहब के जुलूस के आगे चलने लगा। साहबगंज मंडी में नबी हुसैन, तारिक हुसैन, खुनीपुर चौराहे पर कौमी एकता कमेटी के अशफाक मेकरानी, इस्माइलपुर में हाजी कलीम अहमद फरजंद और अब्दुल्लाह आदि ने जुलूस का स्वागत किया। अंजुमन इस्लामिया के अंदर प्रधानाचार्य कारी नसीमुल्लाह ने अंजुमन के सभी बच्चों और स्टाफ के साथ मियां साहब के जुलूस का स्वागत किया गया। सैय्यद अयान अली शह के साथ जुलूस में उनके निकटतम सहयोगियों में हाजी सोहराब खान, शकील शाही, फैजीबाबा, सैय्यद शहाब अहमद, पार्षद समद गुफरान (साजू), ख्वाजा शमशुद्दीन, नेहाल, नबी हुसैन, कुरबान समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति चल रहे थे।
पुलिस प्रशासन की व्यवस्था चुस्त
इमामबाड़ा इस्टेट के प्रवक्ता मंजूर आलम ने बताया कि पुलिस प्रशासन के पदाधिकारियों ने मियां साहब की सुरक्षा व्यवस्था में पूरी सक्रियता दिखाई। इस दौरान विशेष चौकसी रही। सीओ कोतवाली, थाना प्रभारी कोतवाली और अनेक पुलिस अधिकारियों ने जुलूस के संचलन और सुरक्षा में पूरा सहयोग किया।