गोरखपुर। बरसात के समय शहर को जलभराव से निजात दिलाने के लिए नगर निगम एक क्विक रिस्पांस टीम का गठन करेगी। यह टीम शहर में कहीं भी जलभराव की सूचना मिलते ही सक्रिय हो जाएगी और उसपर तत्काल अमल शुरू कर देगी। शहर में जलभराव वाले 68 स्थान चिन्हित हैं। यहां पर जलनिकासी के लिए अस्थायी पंप भी लगाए जाएंगे।
शहर के सभी 10 जोन के लिए एक क्यूआरटी का गठन होगा। आवश्यक संसाधनों व संचार से लैस वाहन के साथ ये पांच सदस्यीय टीम होगी। यह इंट्रीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जुड़ी रहेगी। आईसीसीसी से जलभराव की सूचना मिलते ही सभी टीमें एक्शन में आएंगी। इन टीमों की आईसीसीसी से निगरानी भी की जाएगी। माॅनसून सीजन में जलभराव और जलनिकासी संबंधी कार्यों की समीक्षा के दौरान नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने यह निर्देशित किया कि जल्द से जल्द क्यूआरटी गठित की जाए। सफाई निरीक्षक एवं अवर अभियंता से कहा कि अस्थाई पंप लगने वाले स्थानों का निरीक्षण कर रिपोर्ट करें। नगर आयुक्त ने जलकल एवं निर्माण विभाग के सैंपवेल की साफ-सफाई, पंपों की सर्विसिंग, मरम्मत के लिए मुख्य अभियंता और महाप्रबंधक जलकल को निर्देशित किया।
बैठक में जोनल अधिकारियों ने नगर आयुक्त को बताया कि कई जगह विभिन्न प्रतिष्ठानों ने अपने सामने के नालों पर काफी मोटे स्लैब रखवा दिए हैं। ये स्लैब हट नहीं पा रहे हैं, जिससे नालों कि सफाई संभव नहीं हो पा रही है। नगर आयुक्त ने सभी जोनल अधिकारियों को ऐसे लोगों को चिन्हित कर स्लैब हटा नाला सफाई के लिए चैंबर बनवाने के लिए नोटिस देने का निर्देश दिया। कहा कि कोई स्लैब नहीं हटा रहा तो स्लैब को तोड़ नाले की सफाई सुनिश्चित कराएं। समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह, उप नगर आयुक्त डॉ. मणि भूषण तिवारी, मुख्य अभियंता संजय चौहान, महाप्रबंधक जलकल रघुवेंद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, समस्त जोनल अधिकारी उपस्थित रहे।