जिले के 35 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में गोरखपुर मास्टर्स फुटबॉल लीग-2025 का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता के लीग, क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद फिटनेस एफसी और यूपी पुलिस की टीम फाइनल में पहुंची। रविवार शाम इस मैच की शुरूआत हुई।
रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में रविवार को खेले गए गोरखपुर मास्टर्स फुटबॉल लीग-2025 के फाइनल मुकाबले में विवाद हो गया। एक टीम के खिलाड़ियों ने रेफरी पर गलत निर्णय देने का आरोप लगाते हुए उन्हें दौड़ा लिया। इसके बाद रेफरी से गलत व्यवहार करने वाली टीम को प्रतियोगिता से बाहर करते हुए दूसरी टीम को विजेता घोषित कर दिया गया।
जिले के 35 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में गोरखपुर मास्टर्स फुटबॉल लीग-2025 का आयोजन किया जा रहा है।
विज्ञापन
2 of 5
टीशर्ट खींटते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतियोगिता के लीग, क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद फिटनेस एफसी और यूपी पुलिस की टीम फाइनल में पहुंची। रविवार शाम इस मैच की शुरूआत हुई। पहले हाॅफ में फिटनेस एफसी की टीम ने एक गोल करके मैच में बढ़त बना ली। लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर तक नहीं रही और यूपी पुलिस की टीम ने भी एक गोल कर मैच को बराबरी पर कर दी।
विज्ञापन
3 of 5
बहस करते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहले हाॅफ तक दोनों टीमें 1-1 के बराबर पर रही। मैच का दूसरा हाॅफ शुरू होते ही फिटनेस एफसी की टीम को पेनाल्टी मिली। लेकिन रेफरी ने पेनाल्टी नहीं दिया। इससे फिटनेस एफसी टीम के खिलाड़ी आक्रोशित हो गए और रेफरी पर आक्रोश व्यक्त किया। इसके बाद मैच फिर से शुरू हुआ। कुछ ही देर में यूपी पुलिस की टीम ने गोल कर मैच में 2-1 से बढ़त बना ली। यहां तक मैच में सबकुछ ठीक चला। इस बीच यूपी पुलिस की टीम ने एक और गोल का प्रयास किया।
4 of 5
खेल के दौरान रेफरी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोप है कि यूपी पुलिस की टीम के एक खिलाड़ी ने फिटनेस एफसी के गोलकीपर को धक्का दे दिया। इसके बाद गोल हो गया। रेफरी ने जैसे ही इस गोल का निर्णय लिया फिटनेस एफसी के खिलाड़ी आक्रोशित हो गए।
खिलाड़ियों से बातचीत करते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस पर रेफरी मैदान छोड़कर भागकर कमेटी के पास पहुंच गए। कमेटी ने फिटनेस एफसी के खिलाड़ियों के आक्रोशित रुख और रेफरी के प्रति गलत व्यवहार को देखते हुए मैच को बीच में बंद करा दिया और यूपी पुलिस की टीम को विजेता घोषित कर दिया। कमेटी के इस निर्णय पर फिटनेस एफसी के टीम ने विरोध किया लेकिन कोई भी कमेटी ने अपना निर्णय नहीं बदला।