एकमा गांव के लोगों का नहीं बना केसीसी, फसल बीमा कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि से भी वंचित
तहसील स्तर पर टीम गठित करेगा प्रशासन, गांवों में जाकर जानेंगे वस्तुस्थिति
जंगल कौड़िया (गोरखपुर)। राप्ती नदी किनारे के किनारे बसे 22 गांवों के किसान अब मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी में हैं। मंगलवार को किसानों ने एकमा गांव में बैठक की और सीमा विवाद को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाने का निर्णय लिया। उधर, प्रशासन तहसील स्तर पर टीम गठित कर जांच कराएगा ताकि गांवों के विवाद की वस्तुस्थिति पता चल सके।
एकमा गांव की सरहद पर बीते 54 साल से करीब 700 एकड़ जमीन पर विवाद है। सबसे ज्यादा परेशान एकमा गांव के किसान हैं। इनके पास न तो किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा है और न ही खाद-बीज सब्सिडी और किसान सम्मान निधि मिल पा रहा है।
मंगलवार को एकमा, तुर्कवलिया, बेलघाट खुर्द, फुलवरिया, मटियारी, अमसार, ताललिखिया समेत कई गांवों के किसानों ने बैठक कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखने और उनसे मिलने का निर्णय लिया। एकमा के धर्मेंद्र यादव और बेलघाट खुर्द के नंदेश्वर सिंह ने बताया कि 1978 में सहायक अभिलेख अधिकारी ने 184.23 हेक्टेयर भूमि एकमा में संयोजित करने का आदेश दिया था, लेकिन आज तक लागू नहीं हुआ। दो पीढि़यों से वरासत का नामांतरण तक नहीं हो पाया।
तुर्कवलिया के गोरख यादव का कहना है कि अक्सर भूमि को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसलिए सीमांकन जरूरी है। बेलघाट खुर्द के घनश्याम तिवारी ने कहा कि दो पीढ़ी से भू अभिलेख पर नाम नहीं चल पा रहा है। इसके चलते खाद बीज समेत कई सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कोट
समस्या के समाधान के लिए तहसील स्तर की टीम गांव में भेजी जाएगी। समस्या जानने के बाद रिपोर्ट से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
- ज्ञान प्रताप सिंह, सदर तहसीलदार
सहजनवां व कैंपियरगंज सीमा विवाद सुलझाने की मांग
घघसरा। सहजनवां तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिसई, रघुनाथपुर और मंझरिया के बीच वर्षों से चले आ रहे सीमा विवाद को लेकर किसानों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। ग्राम पंचायत सिसई के ग्राम प्रधान अजीत सिंह ने एसडीएम सहजनवां केशरी नंदन त्रिपाठी को प्रार्थना पत्र देकर सीमा विवाद के निस्तारण की मांग की है। प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया है कि 14 फरवरी 2013 को सहजनवां तहसील की राजस्व टीम की ओर से ग्राम सिसई के सीवान की पैमाइश का आदेश दिया था। आरोप लगाया है कि कैंपियरगंज तहसील की राजस्व टीम ने बिना पूर्व सूचना पैमाइश कर दी। संवाद