गोरखपुर। सिद्धार्थनगर से रेफर गर्भवती महिला के पति से एंबुलेंस चालक ने मेडिकल कॉलेज में बेहतर इलाज नहीं होने का झांसा देकर नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। यहां पर प्रसूता की हालत बिगड़ने पर आनन-फानन में महिला को एक बार फिर मेडिकल कॉलेज में रेफर करना पड़ा। लेकिन वहां पर जाने से पहले ही मौत हो गई। रविवार को कैंट थाने में मायापति दुबे ने अस्पताल प्रशासन व एंबुलेंस चालक के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उधर, महिला का पोस्टमार्टम भी हो गया है, लेकिन पुलिस को अभी रिपोर्ट नहीं मिली है।
सिद्धार्थनगर के गोल्हौरा थाना क्षेत्र के महुआखुर्द निवासी मायापति दुबे ने तहरीर दी है। उन्होंने पुलिस को बताया कि पत्नी गीता देवी की 20 दिसंबर को रात सात बजे प्रसव पीड़ा के साथ रक्तस्राव शुरू हुआ। तत्काल सरकारी एंबुलेंस बुलाया और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसी ले गए। जहां से रेफर किए जाने पर जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर इमरजेंसी में भर्ती कराया। वहां से मरीज को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया जा रहा था। इसी समय एक प्राइवेट एंबुलेंस वाला मिला और उसने मेडिकल कॉलेज में अच्छी सुविधा न होने की बात करते हुए, प्राइवेट अस्पताल में अच्छी व सस्ती सुविधा का झांसा देकर सिनेमा रोड, गोलघर खोवा मंडी में एक अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां ऑपरेशन से प्रसव के लिए एडवांस के तौर पर छह हजार रुपये जमा कराए गए।
21 दिसंबर की सुबह नौ बजे तक दवाओं के नाम पर कई किस्तों में 15 हजार रुपया जमा कराए गए। कोई रसीद नहीं दी। बाद में एक यूनिट ब्लड मंगवाया और फिर मेडिकल कॉलेज, रेफर करने की बात करने लगे। काउंटर पर हिसाब कराने को कहा, जहां 22 हजार रुपये और मांगे गए। इस दौरान लापरवाही पूर्वक जबरन प्रसव करा दिया। इससे जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई।
सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस को तहरीर मिली है। शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। जांच की जा रही है, जांच व साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।