गोरखपुर। जिले की पुलिस रात में चौकन्ना हुई तो शनिवार को पशु तस्करों से जगह-जगह आमना सामना हो गया। जाल में फंसे पशु तस्कर भागे तो पुलिस पिकअप का पीछा करती रही। कई रास्तों में चकमा के देने के बाद खुद को घिरता देखकर तस्कर गोवंश लदे वाहन छोड़कर फरार हो गए। पुलिस को तस्करों की तीन गाड़ियां गोवंशों से भरी मिली हैं। पुलिस ने दो गाड़ियों को खोराबार और एक पिपराइच थाने में दाखिल किया है। मामले में शाहपुर और खोराबार थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं पुलिस की गाड़ी पत्थर चलाने की बात भी सामने आई है।
सिविल लाइंस में पशु तस्करों के तांडव के बाद रात में सड़कों पर नाकाबंदी कर पुलिस चेकिंग अभियान चला रही है। शनिवार रात तस्करों से शाहपुर और कैंट पुलिस का आमना सामना हो गया, लेकिन वे चकमा देकर फरार हो गए। इंस्पेक्टर कैंट संजय सिंह, शाहपुर इंस्पेक्टर नीरज राय, गुलरिहा थाने में तैनात दरोगा अरुण सिंह आदि अलग-अलग पुलिस टीमें रात में गस्त पर थीं। इसी दौरान कंट्रोल रूम से अलग-अलग इलाकों में पशु तस्करों के आने की सूचना मिली। एक पिकअप को शाहपुर पुलिस ने पीछा करना शुरू किया। पिपराइच तक कई रास्तों को बदलकर कुशीनगर सीमा तक पहुंच गए। उधर से पिपराइच एसओ पुरुषोत्तम आनंद सिंह की टीम ने घेराबंदी की तो आरोपी पिकअप छोड़कर फरार हो गए।
दूसरी ओर कैंट इंस्पेक्टर संजय सिंह और एक ओर से गुलरिहा थाने में तैनात दरोगा अरुण सिंह की टीम ने पीछा किया। तस्कर मोहद्दीपुर के आगे हाईडिल कॉलोनी में घुसे तो पुलिस को लगा कि अब सभी पकड़ लिए जाएंगे। लेकिन वे गलियों से होते हुए कूड़ाघाट की ओर निकल गए। इसके बाद फिर घेराबंदी की तो कूड़ाघाट क्षेत्र में दो पिकअप छोड़कर तस्कर फरार हो गए।
रॉकेट फ्यूल से रफ्तार बढ़ाकर भाग रहे पशु तस्कर
शुक्रवार को चार साल से फरार बिहार निवासी 25 हजार रुपये के इनामी पशु तस्कर मुश्ताक को पुलिस ने पकड़ लिया। इसके अलावा आसपास के जिले में भी पशु तस्कर पकड़े गए। पूछताछ में पुलिस को चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। पशु तस्करों ने बताया कि वह पिकअप में डीजल के साथ ही 20 फीसदी मात्रा में पेट्रोल भी डलवाते हैं। उनकी भाषा में इसे रॉकेट फ्यूल कहा जाता है। इससे उनकी पुरानी पिकअप नई गाड़ी की तरह रफ्तार पकड़ लेती है। इससे वे आसानी से पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाते हैं। कुछ मैकेनिकों से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि डीजल इंजन में पेट्रोल का इस्तेमाल खतरनाक तो है, लेकिन यह सही है कि इससे वाहन की रफ्तार बढ़ सकती है। अब पुलिस ऐसे पिकअप मैकेनिकों को भी खोज रही है, जो इस तरह की पिकअप की मरम्मत कर रहे हों।
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वर्जन
पशु तस्करों के आने पर पुलिस टीम ने पीछा किया। अंधेरे का फायदा उठाकर पशु तस्कर वाहन छोड़कर फरार हो गए। दो पिकअप खोराबार और एक पिकअप नंबर के आधार पर शाहपुर थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। तस्करों की तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं, जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
अभिनव त्यागी, एसपी सिटी