इलाज के लिए मरीजों की खरीद-फरोख्त का है आरोप
गोरखपुर। उपचार के नाम पर मरीजों की खरीद-फरोख्त और शोषण के आरोपी आठ अस्पताल संचालकों ने अपना जवाब सीएमओ कार्यालय को भेज दिया है। अब सीएमओ कार्यालय उन जवाबों का परीक्षण करेगा। चर्चा है कि इनमें से चार अस्पतालों पर कार्रवाई हो सकती है।
बिहार और देवरिया-कुशीनगर से गंभीर हालत में गोरखपुर आकर अपना इलाज कराने वाले मरीजों व उनके परिजनों से बातचीत का एक वीडियो शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियाे में शहर के आठ बड़े निजी अस्पताल के कर्ताधर्ताओं पर मरीज माफियाओं से सांठगांठ कर इलाज के नाम पर लाखों रुपये वसूलने और दलाली देने का आरोप है।
इस मामले के चर्चा में आते ही सीएमओ ने संबंधित अस्पताल संचालकों को नोटिस भेजकर एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। इनमें से चार अस्पतालों के लाइसेंस को अस्थाई तौर पर निलंबित करते हुए निर्देश दिया गया था कि डॉक्टर ओपीडी में नहीं जाएंगे। बुधवार को सभी अस्पतालों के जवाब सीएमओ कार्यालय पहुंच गए।
सीएमओ डाॅ. आशुताेष कुमार दूबे ने बताया कि अस्पतालों की तरफ से मिले जवाब का परीक्षण कराया जाएगा। इस प्रकरण में जिलाधिकारी से चर्चा के बाद अगला निर्णय लिया जाएगा।