गोरखपुर। दरोगा के बेटे के बैंक खाते में दर्ज मोबाइल नंबर और मेल आईडी बदलकर जालसाजों ने उसे म्यूल खाता बना दिया था। इसके बाद जालसाजी की रकम ट्रांसफर कर निकाली गई। जब खाताधारक की तलाश में पुणे की पुलिस गोरखपुर आई तब दरोगा के बेटे को पता चला। उन्होंने बैंक से जानकारी जुटाई तो पता चला कि खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर और मेल आईडी दोनों बदलकर रुपया डाला और निकाला गया है। दरोगा के बेटे ने बैंक के खिलाफ तहरीर दी है। आरोप लगाया है कि बैंक की मिलीभगत से यह खेल हुआ है। फिलहाल पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।
दरअसल, एम्स इलाके में रहने वाले एक दरोगा की संतकबीरनगर जिले में तैनाती है। उनका बेटा एक फाइनेंस बैंक में काम करते थे। उनके बचत खाते से जालसाजी के 50 लाख रुपये डालकर निकाले गए थे। दरोगा के बेटे का दावा है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। मोबाइल पर मैसेज भी नहीं आ रहा था। पुणे में जालसाजी के केस की जांच में जुटी पुलिस पिछले दिनों गोरखपुर आई तब जानकारी हुई। परिवार ने असुरन इलाके में स्थित बैंक से जाकर पता किया तो उसके खाते में उसका नंबर नहीं है। यही नहीं मेल आईडी भी गलत है। इसके बाद पीड़ित ने बैंक के खिलाफ शिकायत की पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
क्या होता है म्यूल खाता
वह बैंक खाता जिसमें जालसाज पैसा ट्रांसफर कर निकालते हैं उसे म्यूल बैंक खाता कहा जाता है। इस तरह के खाते को कई बार किराए पर लिया जाता है तो कई बार खाताधारक की जानकारी के बिना ही इस्तेमाल किया जाता है। म्यूल खाते को लेकर गोरखपुर में पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं।