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Gorakhpur News: फर्जी स्टांप मामले में बिचौलिया रिंकू देवी गिरफ्तार

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कैंट पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में बिहार के सिवान की रिंकू देवी उर्फ नीलू को जेल भिजवाया
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जेल में बंद है सरगना नवाब आरजू, कुशीनगर, महराजगंज और बिहार के सात आरोपियों की तलाश



गोरखपुर। फर्जी स्टांप मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में एक बिचौलिए को कैंट पुलिस ने रेलवे स्टेशन के पास से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान बिहार के सिवान के महादेवा थाना क्षेत्र के हकाम गांव की रिंकू देवी उर्फ नीलू पत्नी गणेश के रूप में हुई। उसका पति विदेश में रहता है। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे जेल भिजवा दिया है।



पुलिस के मुताबिक, रिंकू देवी अपने साथियों के साथ बिहार से आकर गोरखपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में जाकर फर्जी स्टांप बेचने के लिए ग्राहक तलाशती थी। इसके बाद ऑर्डर लेकर सरगना नवाब आरजू की मदद से वहां पर फर्जी स्टांप भिजवाती थी। पांच साल से अधिक समय से वह इस धंधे में लिप्त थी।
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पुलिस के मुताबिक, कैंट थाने में 20 मार्च को आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज किया गया था। इसमें महिला समेत 11 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। दो दिन बाद ही कैंट पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में कोतवाली क्षेत्र के राजीव कुमार, रामलखन जायसवाल को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। वहीं गिरोह का सरगना बिहार के सिवान का नवाब आरजू पहले से ही जेल में बंद है।



अभी सात आरोपियों की गिरफ्तारी होनी बाकी है। इनमें नवाब आरजू का भांजा साहेबजादे, कुशीनगर के कसया का ऐश मोहम्मद, कुशीनगर के पडरौना के सिरसिया निवासी रविंद्र कुमार दीक्षित, जंगल बकुलहवा का नंदू उर्फ नंदलाल, देवरिया कोतवाली क्षेत्र का संतोष गुप्ता, महराजगंज के कोठभारी व हाल पता कोतवाली जगन्नाथपुर निवासी रविदत्त मिश्रा और कुशीनगर के कसया निवासी गोपाल तिवारी शामिल हैं। पुलिस इनकी तलाश में दबिश दे रही है।



विवेचना में आया था आरोपियों का नाम



आठ जनवरी 2024 को दीवानी कचहरी में फर्जी स्टांप मिलने पर जिलाधिकारी के आदेश पर उपनिबंधन सदर प्रथम की तहरीर पर कैंट थाने में कोतवाली इलाके के राजेश मोहन सरकार और दीवानी कचहरी के स्टांप विक्रेता लालजी सिंह पर केस दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच शुरू हुई तो एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश पुलिस ने किया। इसका सरगना बिहार का नवाब आरजू था।



दिल्ली, राजस्थान तक गिरोह का मिला था कनेक्शन



नवाब आरजू वर्ष 2024 में कैंट क्षेत्र के रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार हुआ था। पूछताछ में पता चला कि नवाब आरजू का कनेक्शन प्रदेश के मेरठ, फिरोजाबाद, नोएडा के साथ ही दिल्ली, राजस्थान तक था। नवाब आरजू को फिरोजाबाद का ही एक व्यक्ति फर्जी स्टांप छापने के लिए रुपये देता था। कैंट थाने में उसके खिलाफ भी केस दर्ज है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अरेस्ट स्टे लिया है। इस वजह से उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
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वर्जन



फर्जी स्टांप छापने वाले गिरोह पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। इसी क्रम में बिहार के सिवान की आरोपी को कैंट पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया है। सात आरोपियों की तलाश चल रही है।



-अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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