शासन के निर्देश के बाद निबंधन कार्यालयों में जुटा रहे अभिलेख
कम से कम पांच दस्तावेजों में स्टांप चोरी का केस दर्ज होना जरूरी, सबसे ज्यादा मामले सदर व चौरीचौरा तहसील में
गोरखपुर। जमीन की खरीद-फरोख्त, पॉवर ऑफ अटार्नी, वरासत आदि के मामलों में स्टांप चोरी के खेल में शामिल विधि व्यवसायी और दस्तावेज लेखकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। शासन के निर्देश पर ऐसे विधि व्यवसायी और दस्तावेज लेखकों की सूची तैयार की जा रही है, वर्ष 2024-25 में जिनकी ओर से तैयार कम से कम पांच दस्तावेजों में स्टांप चोरी का केस दर्ज किया गया है। सूत्रों के मुताबिक सबसे ज्यादा स्टांप चोरी के मामले सदर और चौरीचौरा तहसील में हैं।
स्टांप चोरी के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए अपर महानिरीक्षक निबंधन आशीष कुमार ने 24 फरवरी 2025 को सभी आईजी स्टांप को पत्र जारी किया है। इस आदेश में यह भी कहा गया है कि स्टांप कमी से संबंधित दस्तावेज लेखकों और विधि व्यवसायियों के नाम, पता और रजिस्ट्रेशन नंबर सहित सूची तैयार कर शासन को तत्काल भेजी जाए। आदेश आने के बाद निबंधन कार्यालय में हड़कप मच गया है। सदर और चौरीचौरा तहसील में सबसे ज्यादा स्टांप चोरी के केस दर्ज हुए हैं। पॉवर ऑफ अटार्नी के कुछ बड़े मामले भी पकड़े गए हैं जिनमें को करोड़ों को खेल किया गया है। ऐसे मामलों के डीड तैयार कराने वाले विधि व्यवसायी और दस्तावेज लेखकों का परीक्षण कराया जा रहा है कि स्टांप चोरी के कितने मामलों में इनकी भूमिका है। सभी तहसीलों की सूची दो से तीन दिनों में मिलने की उम्मीद है। एआईजी स्टांप संजय कुमार दूबे ने बताया कि सभी निबंधन कार्यालयों से रिपोर्ट मांगी गई है। सूची आने के बाद उसका परीक्षण भी कराया जाएगा। जिसके बाद सूची शासन को भेजी जाएगी।