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Gorakhpur News: खाली कराया जाएगा ज्ञानकोल गांव... राहत शिविर में भेजे जाएंगे ग्रामीण

Wed, 03 Sep 2025 01:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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बड़हलगंज क्षेत्र के ज्ञानकोल गांव में मकान के करीब हो रही कटान।
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बड़हलगंज क्षेत्र के ज्ञानकोल गांव में राजस्व टीम कर रही मुनादी, 16 घर कटान के मुहाने पर
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चिल्लूपार। बड़हलगंज ब्लाॅक क्षेत्र में सरयू नदी पांच दिनों तक स्थिर रहने के बाद मंगलवार को खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। नदी ज्ञानकोल गांव में तीन तरफ से तेजी से कटान कर रही है। गांव के 16 घरों पर खतरा मंडराने लगा है। ये घर कभी भी नदी में समाहित हो सकते हैं। उधर, तहसील प्रशासन की तरफ से गांव को खाली करने का निर्देश दिया गया है। मुनादी कर घर खाली करके लोगों को राहत शिविर में जाने को कहा जा रहा है।

बीते 24 घंटे में बरहज में सरयू नदी का जलस्तर 45 सेंटीमीटर बढ़ा है। ज्ञानकोल गांव में कृषि योग्य भूमि के साथ कटान की जद में पक्के मकान आ गए हैं। कटान के चलते गांव के बंशी यादव, जयप्रकाश यादव, जनार्दन यादव, अशोक यादव, धर्मेंद्र यादव, संतोष यादव, कंता यादव, सर्वजीत, रामजी, फूलझार, झब्बू, परविंद, महेंद्र यादव, राम अशीष सिंह, बीरबल यादव, कमलेश सिंह के मकान सरयू के मुहाने पर हैं। ज्यादातर लोग अपने परिजनों के साथ घरों को तोड़ रहे हैं। कई अन्य ग्रामीण सिंचाई विभाग के साथ गांव को कटान से बचाने के लिए नदी के किनारे बांस-बल्ली से बने बंबू क्रेट कटर, पॉर्क्यूपाइन, ट्रीस्पर, जीओ सीट डालकर कटान रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
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ग्रामीण बंशी यादव, जयप्रकाश यादव, जनार्दन यादव, अशोक यादव, धर्मेंद्र यादव आदि ने बताया कि नदी ने तीन तरफ से गांव के 16 घरों को घेर लिया है। गांव टापू की तरह दिखाई दे रहा है। बीते दिनों नदी बंशी के घर के पास स्थित बिजली के पोल को समाहित करने के बाद उसके आवास पर कटान का दबाव बना हुआ है। कभी भी घर कटान से नदी में समाहित हो सकता है।
गांव के पूर्व प्रधान ह्रदय शंकर सिंह ने बताया कि वर्ष 1956 में ज्ञानकोल और कोलखास के अलावा जयरामकोल गांव सरयू नदी में कट गया था। वर्ष 1957 में ज्ञानकोल को पटना गांव के लोगों ने अपनी जमीन देकर बसाया था, जो इन दिनों सरयू की कटान से जूझ रहा है। सिंचाई विभाग 50 मीटर के दायरे में बचाव कार्य कर रहा है। पूर्वी हिस्से से नदी की लहरें बंशी के घर की चहारदीवारी पर ठोकर मारने लगी हैं। बचाव कार्य आधा-अधूरा है।
उधर, कटान को देखते हुए तहसील प्रशासन ने ज्ञानकोल गांव को खाली करने का निर्देश दिया है। राजस्व टीम ज्ञानकोल गांव में मुनादी कर लोगों को बाढ़ राहत शिविर पटना में जाने को कहा जा रहा है।
वहीं, सरयू के कटान से प्रभावित बगहा और ज्ञानकोल गांव में सपा लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव अर्जुन सिंह पहुंचे। इस दौरान एसडीएम गोला से बातचीत में कहा कि बगहा गांव पूरी तरह नदी के कटान में विलीन हो चुका है। अब ज्ञानकोल गांव भी खतरे में है, जहां करीब 16 घर कटान की चपेट में आने वाले हैं। अर्जुन सिंह ने सरकार से मांग किया कि प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा दिया जाए। इस दौरान पवन तिवारी, अनिल गोस्वामी, महेंद्र यादव, राजेंद्र यादव, बंसी यादव सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

हर हाल में रुकनी चाहिए कटान- विधायक
ज्ञानकोल गांव में चिल्लूपार के विधायक राजेश त्रिपाठी ने एसडीएम गोला अमित कुमार जायसवाल के साथ मंगलवार की शाम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ खंड की ओर से कराए जा रहे बचाव कार्य की जानकारी ली। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर हाल में कटान रुकनी चाहिए। घर नहीं कटने चाहिए। विधायक ने अधिकारियों को बचाव कार्य में और तेजी ले आने का निर्देश दिया। मौके पर बाढ़ खंड दो सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सुधांशु सिंह, नायब तहसीलदार,जेई पंकज शर्मा, उत्तम तिवारी, संजय गुप्ता, सुभाष यादव, आचार्य वेदप्रकाश त्रिपाठी के साथ ग्रामीण मौजूद रहे।
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वर्जन
क्षेत्रीय विधायक के साथ ज्ञानकोल गांव का निरीक्षण किया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान नियंत्रण में है। ज्ञानकोल गांव को खाली करने का निर्देश दिया गया है। गांव में मुनादी कराकर लोगों को बाढ़ राहत शिविर पटना में जाने को कहा जा रहा है। बाढ़ खंड और राजस्व कर्मी गांव में रुक-रुक कर बचाव कार्य कर रहे हैं। गांव में 41 राहत पैकेट बांटा गया है। - अमित कुमार जायसवाल, एसडीएम, गोला
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ज्ञानकोल में कटान हो रहा है। विभाग की तरफ से कटान रोधी कार्य कराए जा रहे हैं। बरहज में सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर है। विभागीय टीम ज्ञानकोल में रुक-रुक कर कटान रोधी कार्य कर रही है। - विकास कुमार सिंह, मुख्य अभियंता, गंडक
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