6 जून को जिले में 601 एमवीए की थी खपत, 11 को हो गया 715
गोरखपुर। गर्मी में बिजली का लोड प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। जिले का लोड विगत पांच दिनों में पहले दिन की अपेक्षा 19 प्रतिशत बढ़ गया है। छह जून को जिले में बिजली आपूर्ति का लोड 601 एमवीए था जो 11 जून को बढ़कर 715 एमवीए हो गया है। इससे आए दिन ट्रांसफार्मर में परेशानी हो रही है। साथ ही केबल के फॉल्ट से उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं।
विगत चार महीने की बात करें तो जिले में छह मार्च को उपभोक्ताओं का लोड 430 एमवीए था। जो 11 मार्च को बढ़कर 438 एमवीए हो गया। वहीं छह मई को 470 एमवीए व 11 मई को 487 एमवीए हो गया। इसी तरह छह जून को 601 एमवीए की खपत का आंकड़ा मिल रहा है। वहीं 11 जून को यह लोड बढ़ कर 715 एमवीए पहुंच गया। कुल चार महीने के इस पांच दिनों के लोड की बात करें तो पांच दिनों में 19 प्रतिशत लोड की बढ़ोतरी हुई है। इससे बिजली निगम आए दिन ओवरलोड से होने वाले फॉल्ट से परेशान है।
अधीक्षण अभियंता शहरी ई. लोकेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि विगत दिनों से प्रतिदिन लोड बढ़ रहा है। उपकेंद्रों की क्षमता से भी ज्यादा बिजली का लोड बढ़ा है जिससे फॉल्ट की समस्या हो रही है।
रात में बाजार बंद होने के बाद भी लोड नहीं हो रहा कम
उपभोक्ताओं के घरों में एसी व कूलर के साथ बिजली के उपकरण बढ़ रहे हैं। इससे बिजली के ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ता ही जा रहा है। खास बात यह है कि रात को बाजार में दुकान बंद होने के बावजूद भी बिजली का ओवर लोड हो रहा है। लाल डिग्गी के अवर अभियंता के अनुसार बाजार बंद होने के बाद घरों में बिजली के उपकरण ज्यादा चल रहे हैं। इससे बाजार बंद होने के बाद भी राहत नहीं मिल रही है।
क्षमता से ज्यादा लोड झेल रहे लगभग हर उपकेंद्र
शहर क्षेत्र में लगभग 28 उपकेंद्र हैं जिससे क्षमता से ज्यादा बिजली उपभोक्ता उपभोग कर रहे हैं। इससे फॉल्ट की समस्या हो रही है। रुस्तमपुर उपकेंद्र में 33 केवीए की लाइन आने की अधिकतम भार क्षमता 406 एंपियर है। जबकि 853 एंपियर उपभोक्ता बिजली प्रयोग कर रहे हैं। वहीं टाउनहाल उपकेंद्र में 33केवीए की लाइन आने की अधिकतम भार क्षमता 186 है, जबकी 193 एंपियर उपभोक्ता बिजली प्रयोग कर रहे हैं। तारामंडल उपकेंद्र में 33 का अधिकतम भार 256 एंपियर में है जबकि उपभोक्ता 713 एंपियर बिजली की खपत कर रहे हैं। वहीं मोहद्दीपुर उपकेंद्र में 347 एंपियर बिजली आने की क्षमता है जबकि 1135 एंपियर बिजली का प्रयोग उपभोक्ता कर रहे हैं।