जांच टीम ने रैंडम 100 रजिस्ट्री की कराई जांच तो 70 में दर्ज पैन नंबर मिले फर्जी
तीन साल में सबसे बड़ी रजिस्ट्री सूबा बाजार में 21 करोड़ रुपये की हुई
गोरखपुर। जमीनों की रजिस्ट्री में फर्जी पैन कार्ड नंबर दर्ज कराकर आयकर चोरी की जांच में 75 ऐसे मामलों का पता चला है जिसमें 250 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ है। सबसे ज्यादा निवेश एक फर्म ने खोराबार के सूबा बाजार में 21 करोड़ रुपये की जमीन में किया है। जांच टीम ने सभी 75 रजिस्ट्री के दस्तावेजों को अब खंगालना शुरू कर दिया है। इसके अलावा कम निवेश वाली रजिस्ट्री में भी पैन कार्ड नंबर फर्जी मिले हैं। जांच टीम ने इसे भी जांच के दायरे में ले लिया है।
मंगलवार सुबह लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर आयकर विभाग की संयुक्त टीम ने निबंधन कार्यालय पहुंचकर जमीनों के दस्तावेजों में फर्जी पैन नंबर की जांच शुरू की। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने पहले 25 रजिस्ट्री की रैंडम जांच की तो 20 में पैन कार्ड नंबर फर्जी मिले। तीन सालों में हुई 75 और रजिस्ट्री की जांच की तो इसमें भी 50 पैन कार्ड नंबर गलत मिले। इसकी सूचना जांच टीम ने लखनऊ मुख्यालय को दी है।
इसके बाद निर्देश मिले कि तीन सालों में हुई सभी 54 हजार रजिस्ट्री का रिकॉर्ड एकत्र करें। रात आठ बजे तक टीम ने रजिस्ट्री की ऑनलाइन रिकॉर्ड को पैन ड्राइव में ले लिया।
सूर्यकुंड, सेमरा, मियां बाजार में हुए हैं बड़े निवेश..जांच के दायरे में
गोरखपुर। आयकर विभाग की टीम को जांच के दौरान शहर के कुछ ऐसे इलाकों का पता चला है जहां बड़े निवेश किए गए हैं। टीम को रजिस्ट्री दस्तावेज में दर्ज पैन कार्ड नंबर गलत होने का शक है। सूत्रों की मानें तो सूर्यकुंड में रियल एस्टेट का काम करने वाली एक फर्म ने 11 करोड़ 77 लाख रुपये मूल्य की रजिस्ट्री कराई है। इसके अलावा सेमरा में एक व्यवसायी ने 7 करोड़ रुपये, मियां बाजार में एक कारोबारी ने छह करोड़ 82 लाख की जमीन की रजिस्ट्री कराई है। ऐसे ही दो से पांच करोड़ तक की जमीन की 25 से ज्यादा रजिस्ट्री हुई हैं। इन सभी रजिस्ट्री में लगे पैन कार्ड नंबर की असलियत की जांच के साथ ही निवेश करने वालों के बैंक खातों को खंगालने की तैयारी है।