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Gorakhpur News: किस्त न भर पाने पर मझिगांवा के धूपलाल ने 11 माह पहले दी थी जान

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धूपलाल की पत्नी ने लिया था समूह लोन, कर्मी किस्त के लिए बनाते थे दबाव
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कर्मियों ने किसी का गैस सिलिंडर तो किसी का छिन लिया मोबाइल फोन
कसिहार/गोरखपुर। बेलीपार थाना क्षेत्र के रुद्राइन उर्फ मझिगांवा गांव निवासी जीउत से 11 माह पहले धूपलाल ने समूह लोन की किस्त न भर पाने के चलते जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। जीउत की मौत की सूचना जैसे ही धूपलाल के परिजनों को मिली, उन्हें खुद पर टूटा दुखों के पहाड़ का मंजर याद आ गया। धूपलाल की पत्नी ने समूह से लोन लिया था, जिसे वह भर नहीं पा रही थीं। इधर, फाइनेंस कर्मी लगातार किस्त के लिए दबाव दे रहे थे। इससे आजिज आकर धूपलाल ने जहर खाकर जान दे दी थी। जीउत भी सूदखोरों से लिए गए रुपये और समूह लोन की किस्त नहीं भर पाने के चलते बुधवार रात फंदे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी।
रुद्राइन उर्फ मझिगांवा जीउत बंधन गुप्ता ने सूदखोरों से ब्याज पर रुपये व समूह से लोन लिया था। वह कर्ज को उतारने पर में जुटा था, लेकिन लगातार बढ़ रहे दबाव को देख जीउत ने साड़ी के फंदे से लटककर जान दे दी थी। इस घटना के बाद ग्रामीण सकते में आ गए। गांव निवासी धूपलाल की पत्नी सुमित्रा ने उत्कर्ष फाइनेंस से 35 हजार रुपये, आरोहण फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड से 50 हजार, फ्यूचर फाइनेंशियल सर्विसेज से 30 हजार, इंडसइड बैंक फाइनेंस (सभी माइक्रो फाइनेंस कंपनी) से 20 हजार का समूह लोन लिया था। इसी बीच उत्कर्ष फाइनेंस का किस्त समाप्त करने के बाद उसने मकान का एक कमरा बनवाने के लिए एक लाख रुपये का लोन लिया। इसका मासिक किस्त आता था। वहीं अन्य की किस्त साप्ताहिक थी। एक साथ दो लाख रुपये का लोन लेने के बाद सुमित्रा परेशान हो उठीं। पारिवारिक हालत ठीक न देख धूपलाल कर्मियों की प्रताड़ना को बर्दास्त करते रहे। धीरे-धीरे उनका सब्र जवाब दे गया।
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भूखे मर जाउंगी पर नहीं लूंगी समूह लोन
बेलीपार क्षेत्र के रुद्राईन उर्फ़ मझिगांवा निवासी सुमित्रा देवी को जब जीउत की मौत की जानकारी मिली तो उनके जेहन में पति धूपलाल की मौत का मंजर कौंध गया। उन्होंने बताया कि माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के दलदल में फंसकर सब कुछ तबाह हो गया। मई 2024 में पति को खो दिया। मेहनत मजदूरी करके बच्चों शिवचरण (10) व आर्यन (7) की परवरिश कर रही हूं। सुमित्रा ने कहा कि भले ही भूखे मर जाउंगी, लेकिन जीते जी समूह लोन के चक्कर में कभी नहीं फसूंगी।
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मनोरमा छोड़ चुकी हैं घर, कर्मियों की प्रताड़ना से आजिज हैं भानमती
विभिन्न माइक्रो फाइनेंस कंपनी से लोन लेने वाली मझिगांवा निवासी मनोरमा देवी पत्नी रामकरन वर्तमान में परिजनों संग गांव छोड़कर अन्यत्र रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि मनोरमा किस्त नहीं चुका पाने व कर्मियों की प्रताड़ना से आजिज आकर पांच माह पहले घर छोड़कर चली गईं। घर पर ताला लटका हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि उसने आरबीएल, फ्यूजन फाइनेंस सहित कई समूह से लोन ले रखा था।
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माझीगांवा निवासी भानमती देवी इन दिनों माइक्रो फाइनेंस कंपनी के कर्मियों की प्रताड़ना से परेशान हैं। किस्त समय से नहीं जमा कर पाने के चलते कर्मी घरेलू सामान उठाकर ले जा रहे हैं। गाली देते हुए जेल भिजवाने की धमकी दे रहे हैं। फरवरी 2025 में घर का फाटक तोड़कर उज्ज्वला योजना के तहत मिला रसोई गैस सिलिंडर उठा ले गए। वहीं मलाव गांव की एक महिला ने बताया कि समय से किस्त न चुकता करने पर कर्मी मोबाइल फोन छीन कर चले गए।
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