महज 200 रुपये के लिए आरोपी ने दुकानदार पर किया था जानलेवा हमला
गोरखपुर। जनपद न्यायाधीश राज कुमार सिंह की अदालत ने गुलरिहा के चखान मोहम्मदपुर निवासी धर्मेंद्र को गैर इरादतन हत्या में दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर आरोपी को अतिरिक्त छह माह का कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने पैरवी की। उन्होंने अदालत को बताया कि घटना वर्ष 2024 की है। गुलरिहा के टोला सलेमपुर चक्खान मोहम्मद चक निवासी पीड़िता आसमा खान का आरोप था कि आरोपी धर्मेंद्र 200 रुपये के विवाद को लेकर उनके पति मुमताज अली की दुकान पर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए विवाद शुरू कर दिया। विरोध पर मुमताज अली पर हमला कर दिया। विवाद बढ़ने के बाद धर्मेंद्र ने मुमताज अली के सिर पर वार किया। गंभीर चोट लगने से इलाज के दौरान मुमताज अली की मौत हो गई। मामले की विवेचना के बाद आरोपी धर्मेंद्र के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस पंजीकृत कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। अदालत में अभियोजन पक्ष ने गवाहों और सबूतों के आधार पर धर्मेंद्र को दोषी सिद्ध किया।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपों से इनकार करते हुए आरोपी को बरी करने की दलील दी, लेकिन अभियोजन पक्ष ने गवाहों की गवाही और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर यह साबित कर दिया कि मुमताज अली की मौत सिर पर लगे गंभीर चोट की वजह से हुई थी और यह चोट धर्मेंद्र ने पहुंचाई गई थी। अदालत ने माना कि आरोपी का उद्देश्य हत्या करना नहीं था, लेकिन उसकी हरकत गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आती है। अदालत ने आरोपी को दस साल की कठोर कैद और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।