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Gorakhpur News: निलंबित कमांडेंट और आरटीसी प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू

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महिला रिक्रूट हंगामा प्रकरण: दो दिन में शासन को भेजी जा सकती है प्राथमिक जांच रिपोर्ट
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गोरखपुर। महिला रिक्रूट हंगामा प्रकरण में निलंबित किए गए कमांडेंट आनंद कुमार और प्लाटून कमांडेंट एवं आरटीसी प्रभारी के खिलाफ शासन के निर्देश पर विभागीय जांच शुरू हो गई है। परिसर में अव्यवस्था और शासन से मिली सुविधाओं के लिए बजट के खर्च की भी जांच की जाएगी। जांच की प्राथमिक रिपोर्ट दो दिन में शासन को भेजी जा सकती है।

जानकारी के मुताबिक, कमांडेंट आनंद कुमार की जांच डीआईजी पीएसी अरुण कुमार करेंगे और प्लाटून कमांडेंट एवं आरटीसी प्रभारी संजय राय की जांच की जिम्मेदारी प्रभारी कमांडेंट निहारिका शर्मा को मिली है। शासन ने अव्यवस्था से संबंधित महिला रिक्रूट की शिकायतों पर बिंदुवार जांच कराने के आदेश दिए हैं। जांच शुरू होने से निलंबित कमांडेंट और आरटीसी प्रभारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हंगामे के दौरान दोनों अधिकारियों के खिलाफ महिला रिक्रूट ने उनकी समस्याओं की अनदेखी करने और गलत व्यवहार का आरोप लगाया था।
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उधर, 26वीं वाहिनी बिछिया पीएसी कैंप परिसर में सुविधाएं अब बेहतर कर दी गई हैं। परिसर में रविवार को भी शौचालय निर्माण का कार्य कराया गया। इसके अलावा बिजली से संबंधित एवं अन्य समस्याओं का निराकरण करा दिया गया है।
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वर्जन
निलंबित किए गए कमांडेंट आनंद कुमार और प्लाटून कमांडेंट एवं आरटीसी प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद इसे शासन को भेजकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रीतिंदर सिंह, आईजी, पीएसी मध्य

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सोशल मीडिया पर जिन रिक्रूट के दिखे चेहरे पहले लिए उनके बयान

गोरखपुर। हंगामे में शामिल जिन महिला प्रशिक्षुओं की तस्वीरें सोशल मीडिया पर नजर आई हैं, उनके बयान पहले दर्ज किए जा रहे हैं। परिसर में मौजूद सभी 598 रिक्रूट के बयान दर्ज होंगे। रिपोर्ट में एक महीने की गतिविधियों का भी जिक्र किया जाएगा।
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एक कमरे में रिक्रूट से मिले परिजन
पीएसी कैंप परिसर में रविवार को एक कमरे में महिला रिक्रूट को परिजनों से मिलाया गया। इस बार व्यवस्था बदल दी गई। पहले परिजन महिला रिक्रूट आवास तक जाते थे लेकिन इस बार जेल में मुलाकात की तरह व्यवस्था बना दी गई। इसे लेकर कुछ परिजनों ने आपत्ति भी जताई पर अधिकारी नहीं माने।
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